/हादसों से बचाव हमारी प्राथमिकता नहीं ?

हादसों से बचाव हमारी प्राथमिकता नहीं ?


सोलन के आनंद कॉम्प्लेक्स में आपात निकास व्यवस्था पर उठे सवाल

सोलन 21 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/मनमोहन सिंह

हचल के सोलन जिला मुख्यालय के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में शामिल आनंद कॉम्प्लेक्स में आपातकालीन सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सामाजिक सरोकारों से जुड़े मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश में अक्सर इंसानी जीवन की सुरक्षा से अधिक व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी जाती है, जिसका उदाहरण उन्हें हाल ही में आनंद कॉम्प्लेक्स के दौरे के दौरान देखने को मिला।

उन्होंने बताया कि कॉम्प्लेक्स का निर्माण और सजावट आकर्षक है तथा यहां जिले के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी आते-जाते रहते हैं, लेकिन किसी आपात स्थिति में परिसर को खाली कराने के लिए स्पष्ट आपात द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) नजर नहीं आया। उनके अनुसार, न तो कोई स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) दिखाई दिया और न ही ऐसा प्रकाशमान चिन्ह जो अंधेरे या धुएं की स्थिति में भी राह दिखा सके।

मनमोहन सिंह का कहना है कि सामान्य नियमों के अनुसार बहुमंजिला इमारतों में प्रत्येक मंजिल के लिए अलग आपात निकास व्यवस्था और स्पष्ट मार्गदर्शक नक्शा होना चाहिए।

अधिकांश होटलों में हर मंजिल पर आपात मार्ग का नक्शा प्रदर्शित किया जाता है, लेकिन आनंद कॉम्प्लेक्स में ऐसी व्यवस्था उन्हें दिखाई नहीं दी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंदर-बाहर जाने का मुख्य मार्ग ही एकमात्र रास्ता प्रतीत हुआ, जिसे लोहे की सरियों से आंशिक रूप से अवरुद्ध किया गया है। सामान्य स्थिति में भी उन सरियों के बीच से निकलना कठिन है, ऐसे में भगदड़ की स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बाहर निकलना लगभग असंभव हो सकता है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल मुख्य सड़क से सटी मंजिल का निरीक्षण किया है और अन्य मंजिलों की आंतरिक संरचना के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

मनमोहन सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि सोलन जिले में बने सभी मॉल और कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि किसी हादसे के बाद जांच शुरू करना देर हो सकती है; बेहतर होगा कि समय रहते सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं।