चंडीगढ़, 21 फरवरी ,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा
Postgraduate Institute of Medical Education and Research (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ के पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर डिवीजन द्वारा 4th एशियन पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन फोरम 2026 का आयोजन 20 से 22 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है।
इस वर्ष का विषय है— “Safe, Simple, and Sustainable Strategies in Pediatric Mechanical Ventilation.”
इस प्रतिष्ठित अकादमिक कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में 60 से अधिक राष्ट्रीय फैकल्टी सदस्य तथा 20 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं, जो जापान, हांगकांग, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया, कुवैत, कतर और सऊदी अरब सहित एशिया के विभिन्न देशों के साथ-साथ यूके और अमेरिका से आए हैं।
यह फोरम एशिया में पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में ज्ञान-साझाकरण और क्षेत्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन 21 फरवरी 2026 को संस्थान के निदेशक Prof. Vivek Lal ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने गंभीर रूप से बीमार बच्चों की देखभाल में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन की ठोस शैक्षणिक समझ और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने पीजीआईएमईआर के पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर डिवीजन की सराहना करते हुए कहा कि यह विभाग संवेदनशील बाल रोगियों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान करने के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।
टोक्यो, जापान से आए एशियन पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन फोरम के संस्थापक सदस्य Dr. Satoshi Nakagawa ने एशियाई देशों के बीच आपसी सहयोग और अनुभव-साझाकरण को बाल गहन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
वहीं, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के बाल रोग विभाग के पूर्वाध्यक्ष Prof. Sunit Singhi ने वेंटिलेटरी फिजियोलॉजी की गहरी समझ पर जोर देते हुए कहा कि रोगी-केंद्रित देखभाल ही पीडियाट्रिक मैकेनिकल वेंटिलेशन की रणनीतियों का मूल आधार होना चाहिए।
तीन दिवसीय इस फोरम में विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा और हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स आयोजित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य चिकित्सकों के नैदानिक कौशल को सुदृढ़ करना और विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ वेंटिलेशन प्रथाओं को बढ़ावा देना है।










