गुमशुदा बेटे की हत्या, बिहार से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
शिमला, 25 मार्च,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
एक पिता की उम्मीदें, जो अपने लापता बेटे को जिंदा देखने की आस में सैकड़ों किलोमीटर दूर से हिमाचल पहुंचा था—आखिरकार एक दर्दनाक सच में बदल गईं। जिला शिमला के सुन्नी थाना क्षेत्र में दर्ज गुमशुदगी का मामला अब हत्या में तब्दील हो गया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
15 मार्च को मुजफ्फरपुर (बिहार) निवासी 60 वर्षीय चतुरी राम ने अपने बेटे राम प्रवेश राम (25 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बेटा बसंतपुर में अपने साथियों के साथ मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ था। लेकिन 3-4 मार्च की रात के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था—फोन बंद, कमरा सूना और उम्मीदें टूटती हुई।
पुलिस की गहन जांच, कॉल डिटेल और तकनीकी विश्लेषण ने एक भयावह सच्चाई सामने ला दी। होली की रात, जो खुशियों का प्रतीक होती है, उसी रात साथियों के बीच हुआ विवाद राम प्रवेश की जिंदगी पर भारी पड़ गया। शक गहराया कि उसके ही साथियों ने उसे अपहरण कर मौत के घाट उतार दिया।
23 मार्च को बसंतपुर क्षेत्र से जमीन खोदकर एक शव बरामद किया गया—जिसकी पहचान राम प्रवेश राम के रूप में हुई। यह दृश्य न सिर्फ पुलिस बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए दिल दहला देने वाला था, जिसने इस खबर को सुना।
मामले में फरार मुख्य आरोपी अरुण कुमार (31 वर्ष), निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार), को पुलिस ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
एक तरफ कानून अपना काम कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर एक पिता की दुनिया उजड़ चुकी है। यह घटना न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि भरोसे के बीच छिपा धोखा कितना खतरनाक हो सकता है।
जिला शिमला पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।










