कांग्रेस पर वादा खिलाफी का आरोप।
शिमला 5 अप्रैल ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा
हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण न दिए जाने पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण संगर ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ओबीसी समाज के साथ वादा खिलाफी की है।
उन्होंने प्रेस के नाम जारी बयान में कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण देने की घोषणा की गई थी। इसी आधार पर पंचायत चुनावों को भी आगे बढ़ाया गया और ओबीसी जनसंख्या के आंकड़े जुटाने के लिए समय मांगा गया था।
कृष्ण संगर ने आरोप लगाया कि सरकार ने ओबीसी आयोग का पुनर्गठन कर केवल समय व्यतीत किया, लेकिन जब नगर निकायों का आरक्षण रोस्टर जारी हुआ, तो उसमें ओबीसी वर्ग को कोई स्थान नहीं दिया गया। इससे ओबीसी समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर खुद को ओबीसी हितैषी बताती है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में ओबीसी वर्ग को नजरअंदाज किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने ओबीसी वर्ग को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं दिया, तो आने वाले चुनावों में इसका जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में लगभग 25% ओबीसी आबादी है, जिसमें कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में सबसे अधिक संख्या है। बावजूद इसके, सरकार ने ओबीसी कल्याण के लिए कोई ठोस योजना शुरू नहीं की है।
इसके साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान में केवल 18% आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि ग्रुप A और B में यह मात्र 12% है।
अंत में उन्होंने मांग की कि 93वें संविधान संशोधन को हिमाचल प्रदेश में जल्द लागू किया जाए, ताकि ओबीसी वर्ग को उचित आरक्षण का लाभ मिल सके।








