/सता से बाहर का रास्ता देखने का कारण बन सकती है भाजपा की काली भेडे ।

सता से बाहर का रास्ता देखने का कारण बन सकती है भाजपा की काली भेडे ।


शिमला 15 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो/नयना वर्मा

हिमाचल में विधान सभी चुनाव के परिणाम आने के लिए कई तरह के कयास लगाए जा रहे है । सतारूढ भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए विपक्षी पार्टियां व बागी तो प्रयास कर ही रहे थे लेकिन पार्टी के भीतर काली भेडेा ने जो काम किया वह शायद हिमाचल के निवर्तमान मुख्य मन्त्री जय राम ठाकुर तथा उनके शुभ चिन्तको को नजर नही आया है । मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य मन्त्री अपनी सादगी व ग्रामिण पृष्ठ भूमि के चलते सभी का साथ सभी का विश्वास उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है । सूत्रो की माने तो चाटुकारो ने भाजपा की निवर्तमान सरकार के फिल्ड में प्रशासनिक अधिकारियो के साथ मिल कर काफी चांदी कूटी और बेनामी ठेकेदारियां करवा कर इन नेताओ के लालची रिश्तेदारो को अपने वश में कर के सता का सुख भोगा । हिमाचल विधान सभा चुनाव में टिकट आवंटन में जहा केन्दीय कमेटी ने नरेन्द्र मोदी को विश्वास में ले कर टिकट आवंटन किया उस से इन चाटुकारो को काफी झटका लगा और इनहोने पार्टी के अन्दर रह कर ही पार्टी के विरूघ्द जो चुनाव में कार्य किया उसके परिणाम आने वाले आठ दिसम्बर को नजर आएगे ।
हिमाचल में बागी नेताओ ने टिकट न मिलने से आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडे वह एक ओपन गेम के रूप मंे खेला गया दाव है लेकिन पार्टी के भीतर रह कर पार्टी से टिकट न मिलने पर भीतर घात करके अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारो को हराने के लिए पार्टियो के वोट दूसरो को डलवाने वाले भाजपा को सता से बाहर करने में अहम भूमिका निभा गए जिस का किसी भी एग्जिट पोल में जिक्र नही किया गया है । हिमाचल में अर्की जैसे कई ऐसे चुनाव क्षेत्र है जहां भाजपा में टिकट के बंटवारो को ले कर पार्टी के वफाादार कहलवाने वाले ही भीतर घात करते रहे और पार्टी को नुकसान पहुंचाते रहे । हिमाचल में नालागढ विधान सभा चुनाव क्षेत्र की तरह विरोध करने वाले जिन भाजपाईयो ने खुले से आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडे उन्होने भी पार्टी को नुकसान जरूर किया है लेकिन भीतर घात नही अपने हक की आवाज को बुलन्द करके मैदान में कूदे और पार्टी के निष्कासन व अन्य कार्यवाही का भी सामना किया । लेकिन उन काली भेडो का क्या जो पार्टी की वफादारी की कसमे खा कर भीतर घात करती रही । भाजपा के ग्रामिण परिष्ठभूमि वाले मुख्य मन्त्री जय राम ठाकुर के राज में अपनी राजनैतिक रोटियां सेकते रहे और प्रशासन व ठेकेदारो के साथ मिल कर अपने घर भरते रहे ।आज चुनाव के दिनो में टिकट कट जाने से भीतर घात करके अपनी गद्दारी की छाप जनता के बीच छोड रहे है । भाजपा को सता से बाहर करने में इन गद्दारो की अहम भूमिका बताई जा रही है । नरेन्द्र मोदी के चेहरे को ध्यान में रख कर कमल पर मोहर लगाने वालो ने कितनी वफा निभाई इस का पता तो आठ दिसम्बर को ही चल पाएगा ,लेकिन काली भेडो ने अपना कितना प्रभाव डाला और कितने परिणामो को प्रभावित किया इस का पता पार्टी ने करना उचित नही समझा है ।

राजनीति के ज्ञाताओ की माने तो भाजपा को कर्मचारियो के लिए ओपीएस या महिलाओ के लिए 1500 मासिक आर्थिक सहायता की धोषणाए शायद इतना नुकसान नही कर पाए लेकिन इन काली भेडो के कारण भाजपा सता से बाहर भी हो सकती है इस बात से इन्कार नही किया जा सकता है ।