शिमला 18 सितम्बर
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/नयना वर्मा की विशेष रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मध्य व निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और ऊपरी शिमला के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। रोहतांग दर्रा, अटल टनल और आसपास के इलाकों में बर्फबारी के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

शिमला, मंडी, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
तापमान में गिरावट, बढ़ेगी ठंड
बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। आने वाले 48 से 72 घंटों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
अनुमानित तापमान इस प्रकार रह सकता है—
शिमला: 2°–10°C
मनाली: -2°–6°C
धर्मशाला: 5°–15°C
सिरमौर/नाहन: 7°–18°C
ऊना/बिलासपुर: 8°–20°C
बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका के चलते आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क कर दी गई हैं।
अगले दो दिनों तक बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जिसके बाद कुछ समय के लिए मौसम साफ रहेगा। हालांकि सप्ताह के अंत तक एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।
हिमाचल में मौसम के इस बदलाव से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, वहीं किसानों और यात्रियों के लिए सतर्क रहना जरूरी होगा। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।








