चंडीगढ़, 18 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
राष्ट्रीय नर्सिंग शिक्षा संस्थान (NINE), पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में फार्माकोलॉजी की पढ़ाई को रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए एक अनूठी पहल की गई। बीएससी नर्सिंग तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट कार्य के तहत तैयार किए गए शॉर्ट एजुकेशनल वीडियो 17 फरवरी को प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का आयोजन विषय समन्वयक फार्माकोलॉजी श्रीमती ममता सूर्यवंशी और फैकल्टी डॉ. मंदीप कौर के मार्गदर्शन में किया गया।
इन वीडियो का मूल्यांकन डॉ. रूचि सैनी और डॉ. अमनदीप कौर ने किया, जबकि बेसिक बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष और पोस्ट बेसिक प्रथम वर्ष के छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य व्यावहारिक शिक्षा, रचनात्मकता, टीमवर्क और दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
छात्रों ने ओटीसी दवाएं, ड्रग कंप्लायंस, एंटी-अस्थमैटिक दवाएं, एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी टेस्टिंग, मरीजों के अधिकार, मेडिकेशन एरर, एंटीबायोटिक स्टूवर्डशिप और एडवर्स ड्रग रिएक्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो प्रस्तुत किए।

संस्थान की प्राचार्य डॉ. सुखपाल कौर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियां स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निर्णायकों ने विशेष रूप से एंटीबायोटिक स्टूवर्डशिप और पेशेंट सेफ्टी पर बनाए गए वीडियो की स्पष्टता और प्रभावशाली प्रस्तुति की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ आयोजन का समापन हुआ। इसे जिम्मेदार दवा उपयोग और जनस्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









