/लोकसभा में सांसद सुरेश कश्यप ने उठाया हिमाचल में खेल अवसंरचना और प्रतिभा पहचान का मुद्दा

लोकसभा में सांसद सुरेश कश्यप ने उठाया हिमाचल में खेल अवसंरचना और प्रतिभा पहचान का मुद्दा


खेलो इंडिया नीति–2025 के तहत हिमाचल के 12 जिलों में 18 खेलो इंडिया केंद्र संचालित

शिमला, 11 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

हिमाचल प्रदेश में खेल अवसंरचना के विकास और खिलाड़ियों की पहचान से जुड़ा मुद्दा लोकसभा में उठाया गया।

भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में प्रश्न पूछते हुए विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को लेकर जानकारी मांगी।

सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि खेलो इंडिया नीति–2025 का उद्देश्य देश में मजबूत, समावेशी और प्रदर्शन-उन्मुख खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसके तहत देशभर में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल राज्य का विषय होने के कारण खेल अवसंरचना के विकास की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। हालांकि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यों को आवश्यक सहयोग प्रदान करती है।

उन्होंने जानकारी दी कि खेलो इंडिया योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में कुल 18 खेलो इंडिया केंद्र (KIC) संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में लगभग 280 खिलाड़ियों को पूर्व ओलंपियन खिलाड़ियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेल विकास निधि (NSDF) और खेलो इंडिया योजना के माध्यम से देशभर में खेल अवसंरचना के निर्माण और उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे खेल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश में खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।