/युवाओं के नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, 2 करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड स्थापित: राजेश धर्माणी।

युवाओं के नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, 2 करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड स्थापित: राजेश धर्माणी।

शिमला, 26 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज शिमला में तकनीकी शिक्षा विभाग तथा हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभागीय कार्यों, योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।


इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं उद्योग उन्मुख कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक और भविष्योन्मुखी तकनीकों में दक्ष बन सकें।

उन्होंने घोषणा की कि युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहन देने के लिए दो करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड स्थापित किया जाएगा। इससे राज्य में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवा उद्यमिता की ओर आकर्षित होंगे।


उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। बदलते वैश्विक रोजगार बाजार और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप विद्यार्थियों के डिजिटल कौशल का विकास सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें।


राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक से संबंधित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बायोफार्मा क्षेत्र में नवाचार की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इस दिशा में ठोस पहल करने की आवश्यकता जताई।


मंत्री ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिए कि पाठ्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए। युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही, छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना भी शुरू की जाएगी।


उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी तकनीकी संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवाओं को अपने कौशल प्रदर्शन का अवसर मिल रहा है।

प्रदेश के आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग प्रक्रिया भी जारी है, जिससे गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रमों में प्रदेश के सफल उद्यमियों की प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया जाए।


तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में कार्य कर रहा है। हिमुडा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा उद्योग विभाग के रिसोर्स पर्सन युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन देंगे।


उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एआई आधारित कार्यक्रमों को शामिल किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान हेतु बोर्ड द्वारा एक विशेष ग्रीवांस पोर्टल भी प्रारंभ किया गया है।
बैठक में विशेष सचिव सुनील शर्मा, निदेशक अक्षय सूद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।