शिमला, 15 जून,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।
जिला शिमला पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई महिला हत्या की सनसनीखेज वारदात का मात्र 39 घंटों में खुलासा करते हुए हरियाणा से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली हैं।
पुलिस के अनुसार 13 जून 2026 की शाम को सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के सामने अज्ञात हमलावरों ने मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी।
घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने भौतिक एवं जैविक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डाटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित कर हिमाचल प्रदेश सहित हरियाणा और अन्य संभावित स्थानों पर भेजा गया।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। पता चला कि आरोपी हरियाणा से एक सफेद स्विफ्ट कार में शिमला आए थे।
पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए उन्होंने अपनी हरियाणा नंबर की कार पर हिमाचल प्रदेश का फर्जी पंजीकरण नंबर (एचपी-10 सीरीज) लगाया था। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वाहन की वास्तविक पहचान स्थापित कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस ने रोहतक (हरियाणा) से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष), निवासी ग्राम दुजाना, जिला झज्जर तथा दीपक (25 वर्ष), निवासी सुनारिया खुर्द, जिला रोहतक के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आशीष अहलावत के खिलाफ पहले भी हरियाणा के रोहतक में धारा 308 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। वहीं आरोपी दीपक के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं, जिनमें दो आर्म्स एक्ट, एक मारपीट तथा एक धारा 308 बीएनएस का मामला शामिल है।
शिमला पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। सभी पहलुओं की गहन पड़ताल जारी है और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते इस बहुचर्चित हत्या मामले का खुलासा महज 39 घंटों के भीतर संभव हो सका।









