/सुरक्षित दीपावली मनाएं, पटाखे जलाते समय बरतें विशेष सावधानी : डॉ. अतुल पराशर

सुरक्षित दीपावली मनाएं, पटाखे जलाते समय बरतें विशेष सावधानी : डॉ. अतुल पराशर



पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ ने जारी की एडवाइजरी, जलने और आंखों की चोट से बचाव के लिए दिए महत्वपूर्ण सुझाव

चंडीगढ़, 6 नवंबर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।

दीपावली का त्योहार खुशियों और रोशनी का पर्व है, लेकिन जरा-सी लापरवाही इस उत्सव को हादसे में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने लोगों से सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दीपावली मनाने की अपील की है।

पीजीआईएमईआर के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अतुल पराशर ने कहा कि दीपावली के दौरान पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि अनावश्यक दुर्घटनाओं और जलने की घटनाओं से बचा जा सके।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि दीये, मोमबत्तियां और पटाखे जलाते समय सिंथेटिक एवं ढीले कपड़े न पहनें।

पटाखे जलाते समय उचित दूरी बनाए रखें और पैरों में जूते अवश्य पहनें। पटाखों के अवशेषों को पानी या रेत से भरी बाल्टी में डालें। जो पटाखे जलने के बाद भी नहीं फूटते, उन्हें दोबारा जलाने या उठाने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे हाथों में गंभीर चोट लग सकती है।

डॉ. पराशर ने वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए लोगों से कम से कम पटाखों का इस्तेमाल करने तथा यथासंभव ग्रीन पटाखे भी प्रशासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही जलाने की अपील की।


जलने पर अपनाएं ये सावधानियां
उन्होंने बताया कि मामूली रूप से जलने पर प्रभावित हिस्से को पर्याप्त पानी से ठंडा करना चाहिए। जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, नीली स्याही या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने से बचें।

हाथों में मौजूद अंगूठी, चूड़ियां और अन्य कसने वाली वस्तुएं तुरंत हटा दें, ताकि सूजन आने पर परेशानी न हो।
यदि कपड़ों में आग लग जाए तो घबराकर भागने के बजाय ‘रुकें, जमीन पर लेटें और लुढ़कें’ (Stop, Drop and Roll) का तरीका अपनाएं।

इसके तहत तुरंत जमीन पर लेटकर लुढ़कने से आग बुझाने में मदद मिलती है। मोटे कंबल या गलीचे से भी आग को ढका जा सकता है। इसके अतिरिक्त दीये और पटाखे जलाते समय आसपास पानी से भरी बाल्टी या अग्निशामक यंत्र रखना जरूरी है।

डॉ. पराशर ने विशेष रूप से आगाह किया कि पटाखों से आंख में चोट लगने पर उसे बिल्कुल न रगड़ें। आंख को साफ पानी से धोकर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान जलने से संबंधित चोटों के मरीजों को उपचार उपलब्ध करवाने के लिए पीजीआईएमईआर में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।

उन्होंने सभी लोगों से सावधानी, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की