/पीजीआईएमईआर चण्डीगढ में लगने वाले लंगर बने नशेडियो व जेब कतरो की आजीविका ।

पीजीआईएमईआर चण्डीगढ में लगने वाले लंगर बने नशेडियो व जेब कतरो की आजीविका ।

चण्डीगढ 3 मई,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /वर्मा

पीजीआईएमईआर के बाहर मरीजो के सहयोगियो के लिए लगाए जाने वाले लंगर से चण्डीगढ के चोर उच्चके भी पल रहे है । याद रहे कि पीजीआई के बाहर सुबह से शाम तक बहुत सी संस्था लंगर सेवा उपलब्ध करवाती है जिस से यहां आने वाले मरीजो के सहयोगी निशुल्क भोजन कर सके ।

समाज सेवा में लगी इन संस्थाओ के सहयोग से मरीजो व उनके साथ आए परिजनो के लिए बहुत ही लाभदायक सिघ्द हो रहा है लेकिन इसका नाजायज फायदा यहां की चोर उच्चके व ठगो ने भी उठाना शुरू कर दिया है ।

मिली जानकारी के मताबिक वर्तमान में चण्डीगढ के दर्जनो नशेडी प्रवासी यहां पर डेरा डाले रहते है दिन को साथ लगते जंगलो में जा कर भांग एकत्रित करते है और शाम को यहां के बस रेन शैल्टरो में अपना अपना डेरा जमा कर यहां आए मरीजो के एटैण्डैटस को तंग करते है । लोगो की माने तो इन रैन शैल्टरो में रहने वाले इन नशेडियो ने लोगो की जेबे भी साफ करनी शुरू कर दी है । इस के अलावा यहां भूल से बाहर खुले में सोने वाले गरीब मरीजो के सहयोगियो से दुव्यवहार व मारपीट तथा जेबे काटने की भी शिकायते सुनने के मिलती है ।

पीजीआई मेन गेट के सामने पंजाब युनिवर्सीटी की ओर बने दो रेन शैल्टरो में तो इन गुण्डे नशेडियो ने अपने परमानेट अड्डे बना लिए है इन जगह पर रात को बैठने व लेटने वालो को धमका कर उन की जेबे खाली करने की भी शिकायते सुनने को मिल रही है ।

जन सेवा में लगी संस्थाओ का नाजायज फायदा उठाने वालो के विरूघ्द पुलिस प्रशासन को नजर रखने की आवश्यकता बताई जा रही है लेकिन मरीजो के सहयोगियो के साथ नाजायज न हो जाए इस कारण पुलिस प्रशासन भी इस पर कोई कार्यवाही न करने की बात करता है । यह दीगर बात है कि नशेडियो पर नुकेल कसने का काम पुलिस का ही है जिस पर पुलिस चुप्पी साधे बैठी है ।