/हिमाचल में अवैध शराब की रोकथामा के लिए आबकारी विभाग का व्यापक अभियान – डा0 युनिस

हिमाचल में अवैध शराब की रोकथामा के लिए आबकारी विभाग का व्यापक अभियान – डा0 युनिस


बददी 12 अगस्त,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो/ वर्मा

हिमाचल आबकारी आयुक्त डा युनिस ने आज कहा कि अवैध शराब की रोकथाम हेतु प्रदेश में व्यापक स्तर पर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जिले में 3 से 4 टीमों का गठन किया गया है तथा संवेदनशील स्थलों पर मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं।

आज यहां पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होने बताया कि इस अभियान के परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 32,000 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है तथा 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बद्दी जिला क्षेत्र में अब तक 500 से अधिक छापेमारी की गई है।

उन्होंने पत्रकारो से कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी प्रवेश द्वारों पर फास्टैग सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी तथा प्रमुख फोरलेन मार्गों पर यह सुविधा शीघ्र प्रारंभ होगी। परवाणु के टिपरा में एक इंटीग्रेटेड टोल सुविधा स्थापित की जाएगीए जिसमें खाद्यए पंचर मरम्मत आदि आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

डा युनिस ने बताया कि जिला स्तर पर अब तक लगभग 800 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है।

उन्होने पत्रकारो को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्थायी नाके स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें टोल प्लाजा के साथ एकीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, शराब की वैधता जांचने हेतु उपभोक्ताओं को एचपीईआरएस ऐप (प्ले स्टोर से उपलब्ध) डाउनलोड कर, बोतल पर लगे होलोग्राम के क्यू आर कोड को स्कैन कर ट्रैक एंड ट्रेस सुविधा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे नकली शराब की पहचान की जा सके।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार सीमा क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है तथा अवैध या नकली शराब बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विक्रेता एम.आर.पी. से अधिक मूल्य पर शराब बेचता है तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त ने कहा कि अवैध शराब विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के अन्य नशीले पदार्थों, जैसे चिट्टा, के व्यापार में संलिप्त होने की भी जांच की जा रही है।

जीएसटी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जीएसटी बैरियर को टोल बैरियर के साथ एकीकृत करने की दिशा में कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि विभाग ई-वे बिल, रजिस्ट्रेशन और रिटर्न फाइलिंग के संबंध में भी सतर्क है, प्रदेश में टैक्स एवं वैट प्रणाली को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है तथा इस पर ऑनलाइन माध्यम से ही निगरानी की जा रही है। जिससे उद्योगपतियों, व्यापारियों एवं आमजन को किसी भी प्रकार की त्रुटियों के अधिनियम की कार्यवाही से बचा जा सके और रिटर्न भरते समय किसी भी प्रकार के फ्रॉड को रोका जा सके।