शिमला 16 मई,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
शिमला जिला पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध व्यापक अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने हिमाचल सहित कई राज्यों में फैले अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनाई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 13 मई 2026 को पुलिस थाना ढली में मुकदमा नंबर 36/2026, धारा 21 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी निखिल ठाकुर निवासी चौड़ा मैदान शिमला तथा सुलभ थापा निवासी टुटीकंडी शिमला के कब्जे से लगभग 11 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की।
मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिज पर कार्य करते हुए डिजिटल साक्ष्यों एवं वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया।

जांच में चिट्टे की इस खेप के सप्लायर की पहचान चंडीगढ़ निवासी आकाश के रूप में हुई। इसके बाद 15 मई 2026 को पुलिस थाना ढली की टीम ने आरोपी आकाश को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
इसी क्रम में थाना रामपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 32/2026 दिनांक 09 मई 2026 के तहत पुलिस ने आरोपी रोहित चौहान, तुषार वर्मा तथा प्रवीण कुमार के कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा और इस्तेमाल की हुई डिस्पोजेबल सिरिंज बरामद की थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा तथा वित्तीय लेनदेन की जांच की, जिसमें खुलासा हुआ कि नशे की यह खेप अमृतसर निवासी अमनदीप सिंह द्वारा सप्लाई की गई थी। इसके बाद पुलिस थाना कुमारसैन की टीम ने 15 मई 2026 को अमृतसर पहुंचकर आरोपी अमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया।
शिमला police के अनुसार वर्ष 2026 में एनडीपीएस मामलों की जांच की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसके चलते बड़े नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त करने में सफलता मिली है। पुलिस अब केवल छोटे स्तर के पेडलरों तक सीमित न रहकर मुख्य सप्लायरों एवं नेटवर्क संचालकों तक पहुंच बना रही है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर अब तक 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग सात गुना अधिक है। इसके अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय कुल 29 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया गया है।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के विरुद्ध सख्त एवं सुनियोजित अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।







