/हैदराबाद में आयोजित होगा श्री नवरात्रि राष्ट्रीय सेमिनार एवं पूजा 2025

हैदराबाद में आयोजित होगा श्री नवरात्रि राष्ट्रीय सेमिनार एवं पूजा 2025

तीन दिवसीय कार्यक्रम में सामूहिक ध्यान, हवन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का होगा आयोजन

हैदराबाद/शिमला 17 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद आगामी 26 से 28 सितम्बर तक एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन का केंद्र बनने जा रही है। इस अवसर पर “श्री नवरात्रि राष्ट्रीय सेमिनार एवं पूजा 2025” का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश से साधक, विद्वान और श्रद्धालु सम्मिलित होकर नवरात्रि की आराधना करेंगे।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि संस्कृति, कला और अध्यात्म के संगम का भी जीवंत उदाहरण बनेगा। आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य सामूहिक ध्यान, आध्यात्मिक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से साधकों को एक गहन अनुभव प्रदान करना है।

पहला दिन (26 सितम्बर) का शुभारंभ प्रातः सामूहिक ध्यान से होगा। इसके बाद नवदुर्गा के आध्यात्मिक पहलुओं पर बेंगलुरु की श्रीमती लक्ष्मी का प्रवचन आयोजित होगा। दोपहर में सहज कृषि – प्रकृति और आत्मा में संतुलन विषय पर विचार-विमर्श और शरीर एवं आत्मा का पोषण विषयक सत्र डॉ. मधुर राय द्वारा लिया जाएगा। सायंकाल श्री नवरात्रि की पांचवें दिवस की अर्पणा के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। रात्रि को डॉ. राजेश यूनिवर्स अपनी संगीत प्रस्तुति देंगे।

दूसरा दिन (27 सितम्बर) साधकों के लिए और भी विशेष होगा। इस दिन प्रातः ध्यान व संगीत के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। इसके उपरांत डॉ. विश्वजीत चौहान सूक्ष्म प्रणाली शुद्धिकरण एवं वाइब्रेटरी अवेयरनेस पर मार्गदर्शन देंगे। दोपहर बाद सुप्रसिद्ध सितार वादक अवेन्द्र श्योलिकर संगीत साधना के माध्यम से ध्यान को गहराई देंगे। शाम को नवरात्रि अर्पण एवं हवन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। रात्रि को आनंदिता बसु और धनंजय धूमल सूफी, स्तुति और भक्ति संगीत प्रस्तुत करेंगे।

तीसरा दिन (28 सितम्बर)

सबसे पावन और महत्त्वपूर्ण दिन होगा। पं. बी. सुब्रमण्यम के निर्देशन में सामूहिक ध्यान और संगीत से दिन का आरंभ होगा। इसके बाद प्रातः 10 बजे से श्री नवरात्रि पूजा संपन्न की जाएगी। समापन पर सभी श्रद्धालु महाप्रसाद का प्रसाद ग्रहण करेंगे।

वैश्विक सहभागिता का निमंत्रण

आयोजकों ने देश और विदेश के श्रद्धालुओं को इस आयोजन में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया है। उनका कहना है कि नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मशक्ति, साधना और भक्ति का एक उत्सव है। यह कार्यक्रम साधकों को सामूहिक चेतना का अनुभव कराएगा और भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर बनेगा।

निष्कर्ष

हैदराबाद में होने वाला यह तीन दिवसीय श्री नवरात्रि राष्ट्रीय सेमिनार एवं पूजा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह संगीत, कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का ऐसा संगम बनेगा, जिसमें सहभागी जीवन की गहराइयों में उतरने का अनुभव करेंगे