/‘भारत–श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान’ से नालागढ़ के साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह सम्मानित

‘भारत–श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान’ से नालागढ़ के साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह सम्मानित


नालागढ़ 12 जनवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो / वर्मा


नालागढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर रणजोध सिंह को श्रीलंका की राजधानी कोलोंबो में आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय लेखक सम्मेलन के दौरान प्रतिष्ठित ‘भारत–श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मेलन पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें भारत और श्रीलंका के 100 से अधिक साहित्यकारों ने सहभागिता की।


यह पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लेखन शिविर 9 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ, जिसका समापन 13 जनवरी 2025 को होगा। सम्मेलन के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सोलन के डॉ. प्रेम लाल गौतम, डॉ. शंकर वशिष्ठ, डॉ. अशोक गौतम, ऊना से शांति कुमार स्याल एवं रमा स्याल, बद्दी से डॉ. प्रताप मोहन भारतीय तथा नालागढ़ से प्रो. रणजोध सिंह को संयुक्त रूप से ‘भारत–श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया।

इस अवसर पर डॉ. अशोक गौतम की हास्य-व्यंग्य विधा की दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।


उल्लेखनीय है कि प्रो. रणजोध सिंह अब तक आईना (काव्य संग्रह), कैंथ का पेड़ (कहानी संग्रह) और मैली कमीज (लघुकथा संग्रह) सहित 14 साझा साहित्यिक संग्रहों का सृजन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने नालागढ़ साहित्य कला मंच के लघुकथा संग्रह कथा स्पंदन का संपादन भी किया है। उनकी कविताएं, कहानियां, लघुकथाएं, व्यंग्य लेख और संस्मरण देश-विदेश की अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे हैं।

उनकी कहानियों का नाट्य रूपांतरण पुरस्कृत हो चुका है तथा उनकी रचनाएं कई भारतीय भाषाओं में अनूदित की जा चुकी हैं।


प्रो. रणजोध सिंह का साहित्यिक योगदान विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा है। वे स्थानीय विद्यालयों में जाकर नैतिक मूल्यों पर आधारित कहानियों, लघुकथाओं और कविताओं की कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों को साहित्य से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।


इस सम्मान पर नालागढ़ साहित्य कला मंच के अध्यक्ष यादव किशोर गौतम, सचिव हरिराम धीमान सहित अन्य सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे नालागढ़ व मंच के लिए गर्व का विषय बताया। वहीं वरिष्ठ नागरिक संघ एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई तथा अन्य सदस्यों ने भी प्रो. रणजोध सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की शुभकामनाएं