शिमला, 3 फरवरी ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान सड़कों को होने वाले नुकसान से निपटने के लिए एक नई ड्राफ्ट रोड ड्रेनेज नीति तैयार की है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए आगामी मंत्रिमंडल बैठक में रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 में भारी बारिश के कारण सड़कों को क्रमशः लगभग 2400 करोड़ रुपये और 3000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
तकनीकी आकलन में अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था और ढलानों की अस्थिरता को सड़क क्षति का प्रमुख कारण पाया गया।
मंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत ड्रेनेज को सड़क निर्माण का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। ड्रेनेज डिज़ाइन वास्तविक वर्षा और जलग्रहण आंकड़ों के आधार पर तैयार किए जाएंगे तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निवारक उपाय अपनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ‘रोड ड्रेनेज’ के नाम से अलग बजट हेड प्रस्तावित किया गया है और अवैध रूप से नालियों में कचरा व सीवेज डालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करते हुए प्राथमिकता मुख्य जिला सड़कों को दी जाएगी।








