/डॉ. एमएस हिप्पा प्रशिक्षण केलेंडर को अंतिम रूप देने के लिए बैठक आयोजित

डॉ. एमएस हिप्पा प्रशिक्षण केलेंडर को अंतिम रूप देने के लिए बैठक आयोजित

क्षमता निर्माण और समय पर नामांकन पर दिया बल

शिमला 25 फरवरी.
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो/ वर्मा

सचिव प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण एवं लोक शिकायत निवारण ए. शाइनामोल ने आज यहां डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल के लोक प्रशासन संस्थान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रशिक्षण कलेंडर को अंतिम रूप देने तथा विभिन्न विभागों में सहभागिता, क्षमता निर्माण और मास्टर ट्रेनर्स की पहचान से संबंधित प्रमुख विषयों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में अवगत करवाया गया कि संस्थान द्वारा राज्य प्रशिक्षण नीति, 2009 के अनुरूप विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों एवं अन्य निकायों की विशिष्ट प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आधार पर वर्ष 2026-27 के प्रशिक्षण कलेंडर को अंतिम रूप प्रदान किया जा रहा है।

ए. शाइनामोल ने कहा कि विभागों को उनकी आवश्यकताओं का आकलन कर जानकारी प्रेषित करने के लिए एक प्रारूप पहले ही भेजा जा चुका है, जिसे 5 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नामांकन प्रासंगिक एवं पाठ्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि सार्थक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। प्रशिक्षण नीति के अनुसार प्रत्येक सिविल सेवक को सेवा में प्रवेश के समय प्रशिक्षण, प्रत्येक पदोन्नति के समय या कम से कम पांच वर्ष में एक बार सेवाकालीन प्रशिक्षण तथा प्रमुख विकासात्मक विषयों एवं नई तकनीकों से अवगत करवाने के लिए अल्पावधि पाठयक्रमों एवं सेमिनारों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि विभागों को यह अवगत करवाया गया है कि वे अपने वार्षिक बजट के वेतन मद से एक प्रतिशत तक राशि प्रशिक्षण मद के अंतर्गत सुनिश्चित करें, जिसके लिए योजना एवं वित्त विभाग के साथ समन्वय आवश्यक होगा।

उन्होंने नामित अधिकारियों द्वारा सहभागिता की पुष्टि में हो रही देरी के बारे में भी चर्चा की, जिससे आवास, भोजन एवं कक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल इन्फॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ऑनलाइन नामांकन सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर रहा है, ताकि प्रपत्रों की समयबद्ध प्रस्तुति सुनिश्चित की जा सके और नामांकन निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवल ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।


बैठक में एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से करवाने के लिए विभागवार क्षमता निर्माण योजनाओं की तैयारी पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिससे डोमेन, कार्यात्मक एवं व्यावहारिक दक्षताओं की पहचान की जा सके।