/अकेलेपन और मानसिक तनाव ने ली एक और जान

अकेलेपन और मानसिक तनाव ने ली एक और जान

न्यू शिमला में सेवानिवृत्त अभियंता मृत पाए गए

शिमला, 6 मार्च
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

राजधानी शिमला के न्यू शिमला क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का शव उसके फ्लैट से बरामद हुआ।

यह घटना एक बार फिर इस गंभीर सच्चाई को सामने लाती है कि अकेलापन और मानसिक तनाव किस तरह लोगों को भीतर ही भीतर तोड़ रहा है, जिस पर समाज और परिवार दोनों को संवेदनशीलता के साथ ध्यान देने की आवश्यकता है।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक विद्युत विभाग में अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त थे।

बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे और एंग्जायटी की दवाइयां भी ले रहे थे। उनकी पत्नी का वर्ष 2021 में निधन हो चुका है और उनकी कोई संतान नहीं है, जिसके कारण वे पिछले कुछ समय से अकेले ही रह रहे थे।


मृतक की पहचान प्रवेश कुमार (50 वर्ष) पुत्र स्व. बिहारी लाल, निवासी गांव व डाकघर थुरल, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में ब्लॉक-50, सेक्टर-04, न्यू शिमला में अकेले रह रहे थे।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने सूचना दी कि संबंधित व्यक्ति काफी समय से अपने फ्लैट का दरवाजा नहीं खोल रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलते ही पुलिस थाना न्यू शिमला की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
संदेह की स्थिति को देखते हुए गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया गया, जहां कमरे के भीतर व्यक्ति का शव बरामद हुआ।


पुलिस ने शव को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला भेजकर शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। पोस्टमार्टम शनिवार को कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।


प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों और आसपास के लोगों ने फिलहाल किसी भी प्रकार के संदेह से इनकार किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।


मौके का निरीक्षण पर्यवेक्षक पुलिस अधिकारी द्वारा भी किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन की समस्या को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है, ताकि समय रहते ऐसे हालात से जूझ रहे लोगों को सहारा और सहयोग मिल सके।