चंडीगढ़, 23 अप्रैल ;
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा।
PGIMER Chandigarh ने मरीजों और उनके परिजनों को ठगी, दलाली और शोषण से बचाने के लिए एक समर्पित विजिलेंस टीम का गठन किया है। संस्थान में रोजाना 35,000–40,000 लोगों की भारी आवाजाही को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
“शोषण पर जीरो टॉलरेंस”
संस्थान के निदेशक Prof. Vivek Lal ने स्पष्ट कहा कि PGIMER परिसर में किसी भी प्रकार के शोषण के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
उन्होंने कहा कि हर मरीज को सुरक्षित, सम्मानजनक और पारदर्शी माहौल मिलना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कैसे काम करेगी विजिलेंस टीम
यह टीम तत्काल प्रभाव से काम करेगी और इसमें एक सुरक्षा अधिकारी (टीम हेड) सहित पांच सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। टीम की निगरानी सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (विजिलेंस) द्वारा की जाएगी।
Pankaj Rai के अनुसार, यह टीम सादे कपड़ों में तैनात रहेगी और सरप्राइज व इंटेलिजेंस-आधारित निरीक्षण करेगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
किन जगहों पर रहेगी नजर
विजिलेंस टीम विशेष रूप से इन संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखेगी,
OPD कॉम्प्लेक्स,
इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर
रजिस्ट्रेशन काउंटर,
लैब व डायग्नोस्टिक सेंटर
फार्मेसी आउटलेट
पार्किंग और एंट्री-एग्जिट पॉइंट
वेटिंग हॉल और अन्य सार्वजनिक स्थान
सख्त कार्रवाई के अधिकार
टीम को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर सुरक्षा या पुलिस के हवाले कर सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तविक मरीजों और परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य संस्थान में पारदर्शिता बढ़ाना, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के शोषण पर पूरी तरह रोक लगाना है।








