72 मामलों में शो कॉज नोटिस
सोलन 23अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली दवाओं के मामलों में हिमाचल प्रदेश राज्य ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीडीएससीओ के जुलाई 2026 ड्रग अलर्ट में हिमाचल से संबंधित मामलों की समीक्षा के बाद राज्य के नियामकीय दायरे में आने वाले 72 मामलों में संबंधित दवा उद्योगों को शो कॉज नोटिस जारी किए गए हैं।
राज्य दवा नियंत्रक डा. मनीष कपूर ने बताया कि इन मामलों में 53 दवा नमूने डिसॉल्यूशन, अस्से सहित महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए हैं।
संबंधित दवा निर्माताओं से नमूनों के नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) पाए जाने का कारण तथा सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित उत्पाद का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
अलर्ट में शामिल तीन दवा इकाइयों के खिलाफ पहले ही स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। वहीं, दो एनएसक्यू नमूने ऐसी कंपनी से संबंधित हैं, जिसका मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस विभाग द्वारा पहले ही स्थायी रूप से रद्द किया जा चुका है।
सीडीएससीओ के जुलाई 2026 ड्रग अलर्ट के अनुसार देशभर में कुल 239 दवा नमूने नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित किए गए हैं।

इनमें 82 नमूने हिमाचल प्रदेश स्थित दवा निर्माताओं अथवा इकाइयों से संबंधित हैं।
विभागीय विश्लेषण के अनुसार हिमाचल से संबंधित 82 नमूनों में एक आयुर्वेदिक उत्पाद शामिल है, जो राज्य ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके अलावा दो नमूने लार्ज वॉल्यूम पैरेंट्रल श्रेणी के हैं, जिन पर कार्रवाई सीडीएससीओ स्तर पर की जाएगी।
वहीं सात मामले स्प्यूरियस श्रेणी के हैं।
राज्य ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने संबंधित दवा निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।









