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सैनिक स्कूलों में अब हर कक्षा में हर साल मिल सकता है दाखिला

रक्षा मंत्रालय कर रहा बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली 31 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

देशभर के सैनिक स्कूलों में पढ़ाई करने और सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। रक्षा मंत्रालय सैनिक स्कूलों की प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।

इसके तहत अब केवल छठी और नौवीं कक्षा ही नहीं, बल्कि हर कक्षा में खाली सीटों पर सालाना दाखिला देने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

सात प्रतिशत विद्यार्थी छोड़ते हैं पढ़ाई

रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार सैनिक स्कूलों में दाखिला लेने वाले करीब सात प्रतिशत विद्यार्थी किसी न किसी कारण से बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।

इसके प्रमुख कारण कम उम्र में परिवार से दूर हॉस्टल में रहना, सख्त नियम, अनुशासित दिनचर्या और नए माहौल में खुद को ढालने में आने वाली कठिनाइयां हैं।

मेडिकल कारण भी ड्रॉपआउट की एक वजह हैं।
खाली रह जाती हैं सीटें
मौजूदा व्यवस्था के तहत सैनिक स्कूलों में मुख्य रूप से छठी और नौवीं कक्षा में ही प्रवेश दिया जाता है।

ऐसे में यदि छठी कक्षा में दाखिला लेने वाले कुछ विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं, तो उनकी सीटें सातवीं और आठवीं कक्षा तक खाली रहती हैं। इसी तरह नौवीं या उसके बाद विद्यार्थी के स्कूल छोड़ने पर भी सीट कई वर्षों तक खाली रह सकती है।

मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा अवसर

हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी सैनिक स्कूलों की प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में हर कक्षा में रिक्त सीटों पर दाखिले की व्यवस्था लागू होने से योग्य विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।

इससे खाली सीटों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा।

हालांकि, इस संबंध में अभी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और अंतिम निर्णय तथा नए प्रवेश नियमों का इंतजार है।