PMGSY और NABARD सड़कों की प्रति किलोमीटर लागत में 3 से 12 लाख तक की बढ़ोतरी
शिमला, 4 अप्रैल ,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा
बिटुमिन (Bitumen) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर सड़क निर्माण कार्यों पर देखने को मिल रहा है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों की प्रति किलोमीटर लागत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 3 मीटर चौड़ी PMGSY/NABARD सड़कों की लागत 13.75 लाख से बढ़कर 17.75 लाख प्रति किमी हो गई है, यानी 4 लाख का अतिरिक्त भार पड़ा है। वहीं 6 मीटर चौड़ी सड़कों में यह बढ़ोतरी 8 लाख और 10 मीटर चौड़ी सड़कों में 12 लाख प्रति किमी तक पहुंच गई है।
ग्रामीण सड़कों (AMP) में भी करीब 3.15 लाख प्रति किमी का इजाफा दर्ज किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण में बिटुमिन एक प्रमुख घटक होता है, जिसकी कीमतों में हालिया तेजी के कारण परियोजनाओं का बजट बिगड़ रहा है।
हाल के रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में बिटुमिन की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में तेज उछाल आया है, जिससे सड़क परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं और कई जगह काम धीमा पड़ गया है।
इस लागत वृद्धि का असर खासतौर पर ग्रामीण सड़क योजनाओं पर पड़ सकता है, जहां पहले से तय बजट में काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विभागों को अब या तो अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ेगी या फिर परियोजनाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
सरकारी एजेंसियां और ठेकेदार इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक उपायों और लागत समायोजन पर विचार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल सड़क निर्माण की रफ्तार पर इसका नकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है।








