/गोहर में म्यूटेशन के नाम पर 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते तीन राजस्व अधिकारी गिरफ्तार।

गोहर में म्यूटेशन के नाम पर 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते तीन राजस्व अधिकारी गिरफ्तार।

मंडी (गौहर), 24 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा

पुलिस उप अधीक्षक प्रियंक गुप्ता हिमाचल राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) मंडी की टीम ने गोहर में म्यूटेशन (नामांतरण) के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस बात की पुष्टि करते हुए पुलिस उपाधीक्षक प्रियंक गुप्ता ने बताया कि विजिलेंस टीम ने ट्रैप के दौरान एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सहायक को रंगे हाथ पकड़ा, जिसके बाद कानूनगो और पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस उपाधीक्षक प्रियंक गुप्ता ने हिम नयन न्यूज को बताया कि शिकायतकर्ता पूर्ण चंद ने विजिलेंस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन का म्यूटेशन करने के बदले कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान ने दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी जिसकी पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए उन्होंने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा।

शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये लिए, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तथा बाद में दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के मुताबिक कानूनगो बंसी लाल शीघ्र ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। सेवानिवृत्ति से पहले रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तारी होने से यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

विजिलेंस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एसवी एंड एसीबी थाना मंडी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को आज शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है।

डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने हिम नयन न्यूज़ को बताया कि प्रकरण की गहन जांच जारी है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत मांगने और लेने की इस पूरी साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।