बैकवर्ड लिंकज के जरिए सप्लाई चेन की महत्वपूर्ण कड़ियों तक पहुंची पुलिस, ₹6.38 करोड़ की संपत्ति जब्त/फ्रीज
शिमला 18 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकज को सफलतापूर्वक वर्कआउट करते हुए दो प्रमुख अंतरराज्यीय नशा सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट हुआ है कि जांच अब केवल स्थानीय स्तर पर नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई नेटवर्क की ऊपरी कड़ियों तक पहुंचकर उसे ध्वस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पहले मामले में 3 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल, जिला शिमला ने शोघी के निकट 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के साथ विजय कुमार को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पूछताछ, तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि हेरोइन की उक्त खेप उसे शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान पुत्र निर्मल सिंह, निवासी जिला तरनतारन, पंजाब, उम्र 21 वर्ष ने उपलब्ध करवाई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच संपर्क के लिए Signal App का इस्तेमाल किया जा रहा था।
शुभकरमन सिंह ने विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हेरोइन की खेप उपलब्ध करवाई थी, जिसे लेकर विजय कुमार शिमला पहुंचा था। यहां इस खेप को कई हिस्सों में बांटकर आगे सप्लाई किया जाना था।

पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज पर कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाकर शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान को जिला तरनतारन, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की महत्वपूर्ण सप्लाई कड़ी का खुलासा हुआ है।
पुलिस आरोपी के अन्य संपर्कों, सप्लाई नेटवर्क और नशे की खेप के स्रोत की जांच कर रही है।
64 ग्राम हेरोइन मामले में तीसरी कड़ी तक पहुंची पुलिस
दूसरे मामले में अभियोग संख्या 60/2026, दिनांक 03.07.2026, धारा 21, 29 ND&PS Act, पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज मामले में 3 जुलाई को पुलिस टीम ने राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था।
मामले की जांच के दौरान आरोपियों के बैकवर्ड लिंकज को खंगालते हुए पुलिस ने अमित महावे को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। आगे की जांच में पता चला कि कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी पुत्र लखवीर सिंह, निवासी जिला मोगा, पंजाब, उम्र 26 वर्ष, अमित महावे के नियमित संपर्क में था और उसे हेरोइन की सप्लाई करता था। अमित महावे आगे हिमाचल प्रदेश में अपने संपर्कों के माध्यम से इसकी सप्लाई कर रहा था।
बैकवर्ड लिंकज के आधार पर पुलिस टीम ने 8 अगस्त 2026 को कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को जालंधर से गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी से हेरोइन सप्लाई चेन की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस अब उसके अन्य संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
2026 में 66 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक ND&PS Act के तहत 216 मामले दर्ज कर 448 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बैकवर्ड लिंकज के माध्यम से 66 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार करते हुए 50 प्रमुख नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
इसके मुकाबले वर्ष 2025 में 7 और वर्ष 2024 में केवल 12 सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे।
वर्ष 2026 में अब तक 4.4 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 1.3 किलोग्राम और वर्ष 2024 में 1.8 किलोग्राम बरामद हुआ था।
नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर भी पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। वर्ष 2026 में वित्तीय जांच के आधार पर ₹6.38 करोड़ की संपत्ति जब्त/फ्रीज की गई है। वर्ष 2025 और 2024 में इस श्रेणी में कोई संपत्ति जब्त/फ्रीज नहीं की गई थी।
इसी तरह PITNDPS Act के तहत वर्ष 2026 में 40 निवारक निरोध किए गए हैं। वर्ष 2025 में 3 और वर्ष 2024 में कोई निवारक निरोध नहीं किया गया था।
शिमला पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट है कि नशा तस्करी के खिलाफ रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अब स्थानीय स्तर पर चिट्टा पकड़ने के साथ-साथ मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी, अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने, वित्तीय जांच के जरिए तस्करों की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार और PITNDPS Act के तहत निवारक कार्रवाई पर विशेष ध्यान दे रही है।










