नालागढ़ (रामशहर) 4 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा।
जिला सोलन के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर में शुक्रवार को गूंगा जाहरपीर की ऐतिहासिक छड़ी का प्रचार-प्रसार किया गया। क्यार घाट मंडली के प्रमुख ओम प्रकाश, सत प्रकाश, विक्की सहित मंडली के अन्य सदस्यों ने रामशहर बाजार में छड़ी के माध्यम से लोगों को परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़ने का संदेश दिया।
मंडली के सदस्यों ने बताया कि गूंगा जाहरपीर की यह छड़ी करीब 400 वर्ष से भी अधिक पुरानी परंपरा से जुड़ी है, जिसे उनके पूर्वजों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है।

वर्तमान में उनके परिवार को इस परंपरा और धार्मिक सेवा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि देश के बागड़ क्षेत्र सहित हिमाचल प्रदेश में बरमाणा (बिलासपुर) स्थित गूंगा जाहरपीर का मंदिर श्रद्धालुओं की प्रमुख आस्था का केंद्र है।

छड़ी के भ्रमण के दौरान हर गांव और शहर से श्रद्धालुओं का भरपूर सहयोग एवं जनसमर्थन मिलता है, जिसके लिए मंडली ने क्षेत्रवासियों का आभार जताया।
मंडली के सदस्यों ने कहा कि इस धार्मिक परंपरा में गांव का कोई भी व्यक्ति अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सेवा कर सकता है। गांव के समस्त निवासी ही मंडली की ताकत हैं और सभी मिलकर इस परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं।
मंडली ने बताया कि गूंगा नवमी के अवसर पर शनिवार को पैतृक गांव क्यार घाट में क्षेत्रवासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मंडली के अनुसार गूंगा जाहरपीर की छड़ी निकालने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करना है। साथ ही नाग देवता से प्रार्थना की जाती है कि किसानों और बागवानों सहित आम लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से किसी प्रकार की जान-माल की क्षति न पहुंचे और क्षेत्र में समृद्धि बनी रहे।









