सेक्टर-17 बस अड्डे तक पहुंच रही लंगर व्यवस्था का लाभ उठाने वालों की भीड़, प्रशासन की भूमिका पर सवाल।
चंडीगढ़ 9 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा ।
चंडीगढ़ स्थित पीजीआई के बाहर प्रतिदिन विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की ओर से मरीजों तथा उनके तीमारदारों के लिए लंगर सेवा संचालित की जा रही है। जरूरतमंद लोगों के लिए यह सेवा निश्चित रूप से राहत का माध्यम है, लेकिन इसके साथ ही लंगर व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने वाले कुछ लोगों की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ लोग दिनभर पीजीआई परिसर और उसके आसपास अलग-अलग स्थानों पर चल रहे लंगरों से भोजन एवं अन्य सामग्री एकत्रित करते हैं और शाम के समय सेक्टर-17 बस अड्डे की ओर चले जाते हैं। वहां ऐसे लोगों की भीड़ देखे जाने की बात कही जा रही है।

आरोप यह भी हैं कि इनमें कुछ ऐसे लोग शामिल हैं जो दिनभर विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। यहां यात्रियों के मोबाइल और अन्य सामान पर भी हाथ साफ करते रहते है जिस का रिकॉर्ड यहां सीसी टीवी कैमरों में रिकॉर्ड होता है लेकिन फिर भी ये शातिर पुलिस के हाथ नहीं आते है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या लंगर सेवा का लाभ वास्तव में जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों तक पहुंच रहा है या इसकी आड़ में कुछ लोग इसे अपने दैनिक जीवन का साधन बना रहे हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि पीजीआई जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध हैं या वह चोरी अथवा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

दूसरी ओर, सामाजिक संस्थाओं द्वारा संचालित लंगर सेवाओं को किसी भी रूप में बदनाम करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए। इन सेवाओं से हजारों मरीजों और उनके परिजनों को प्रतिदिन भोजन मिलता है। आवश्यकता इस बात की है कि लंगर संचालक, पीजीआई प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को सेवा मिले और इसका दुरुपयोग करने वालों पर निगरानी रखी जा सके।
सेक्टर-17 बस अड्डे पर शाम के समय जुटने वाली भीड़ को लेकर भी पुलिस प्रशासन से नियमित निगरानी और आवश्यक जांच की मांग उठ रही है। सवाल यह है कि यदि लंबे समय से ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं तो संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
चंडीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शासित क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से अपेक्षा रहती है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते संज्ञान लेना चाहिए ।








