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पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में वार्षिक आर्थ्रोप्लास्टी कॉन्फ्रेंस शुरू

जोड़ प्रत्यारोपण में सटीकता, व्यक्तिगत उपचार और आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

चंडीगढ़, 18 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा।

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग द्वारा Arthroplasty Society of Tricity के तत्वावधान में 17 से 19 सितंबर 2026 तक द ललित, चंडीगढ़ में वार्षिक PGI Arthroplasty Conference 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

“Mastering the Precision and Newer Techniques in Joint Replacement” विषय रखा गया है।

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों के तेजी से बढ़ते दौर में भी चिकित्सा के केंद्र में मरीज, करुणा, ईमानदारी, नैतिकता और मानवीय संवेदनशीलता को बनाए रखना जरूरी है।

प्रो. लाल ने कहा कि तकनीक चिकित्सकों की सहायता कर सकती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुभव और मानवीय जुड़ाव का स्थान नहीं ले सकती।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा में मरीज सबसे महत्वपूर्ण है और उसके समग्र उपचार के लिए विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।


उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपने क्लिनिकल कौशल और विशेषज्ञता को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में दीर्घकालिक सफलता का आधार ज्ञान, कौशल और ईमानदारी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को मरीजों द्वारा उन पर किए गए विश्वास को बनाए रखना चाहिए तथा करुणा, ईमानदारी और नैतिकता के मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए।

आधुनिक आर्थ्रोप्लास्टी में तकनीक की बढ़ती भूमिका
ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विजय जी. गोनी ने आधुनिक आर्थ्रोप्लास्टी में हो रहे

उन्होंने कहा कि अब जोड़ प्रत्यारोपण में मरीज का उचित चयन, व्यक्तिगत उपचार योजना, सटीक सर्जरी और बेहतर रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि जटिल एवं प्राथमिक प्रक्रियाओं में नेविगेशन, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक के विकास के बावजूद मरीज को उपचार के केंद्र में रखना चिकित्सा का मूल सिद्धांत है।

प्रो. गोनी ने कहा कि सम्मेलन विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों को अपने अनुभव साझा करने, जटिल मामलों पर चर्चा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान कर रहा है। सम्मेलन के तहत प्री-कॉन्फ्रेंस कैडेवर वर्कशॉप में जटिल एवं प्राथमिक सर्जरी से संबंधित प्रशिक्षण के साथ रोबोटिक्स का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।

तीन दिवसीय PGI Arthroplasty Conference 2026 में तीसरा PGI Arthroplasty Course, लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन, कैडेवरिक वर्कशॉप, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं।

वैज्ञानिक सत्रों में टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी, पर्सनलाइज्ड अलाइनमेंट, नेविगेशन, रोबोटिक्स, जटिल प्राथमिक प्रक्रियाएं, हिप रिप्लेसमेंट में Direct Anterior Approach (DAA) तथा Unicompartmental Knee Arthroplasty (UKA) जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं।


हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में कैडेवर और सॉ-बोन आधारित अभ्यास के साथ मैनुअल एवं रोबोटिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है।

सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. दीपक ने देशभर के प्रमुख संस्थानों से पहुंचे विशेषज्ञों तथा ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान से आए अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विशेषज्ञों, युवा सर्जनों और प्रशिक्षुओं की भागीदारी से सम्मेलन जोड़ प्रत्यारोपण के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में ज्ञान, अनुभव और व्यावहारिक प्रशिक्षण के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है।

सम्मेलन में मरीज के उचित चयन, व्यक्तिगत उपचार योजना, सर्जिकल सटीकता, साक्ष्य-आधारित निर्णय, बेहतर रिकवरी और दीर्घकालिक उपचार परिणामों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।