शिमला 14 फरवरी ,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय बजट 2026–27 को “विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने वाला और वर्ष 2047 तक किसानों को आत्मनिर्भर, सशक्त व समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बजट बताया है।
उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान हितों को प्राथमिकता देते हुए मोदी सरकार ने अन्नदाताओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठाए हैं। उनके अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹1,30,661.38 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल आवंटन लगभग ₹1.62–1.63 लाख करोड़ के आसपास है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास के बजट में ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। मनरेगा के लिए केंद्र का हिस्सा ₹95,692 करोड़ से अधिक रखा गया है, जो राज्यों के योगदान के साथ ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को सीधे ₹55,900 करोड़ से अधिक की राशि मिलेगी। पहले पांच वर्षों में पंचायतों को जहां लगभग ₹2.36 लाख करोड़ मिले थे, वहीं अब यह बढ़कर ₹4.35 लाख करोड़ हो गए हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर के लिए ₹9,967 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को सस्ता खाद उपलब्ध कराने के लिए ₹1,70,944 करोड़ की उर्वरक सब्सिडी रखी गई है।
पीएम-किसान योजना के लिए ₹63,500 करोड़ का प्रावधान जारी रखा गया है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को नियमित आय सहायता मिलती रहेगी। इसके साथ ही एमएसपी समर्थन, पीएम-आशा के तहत खरीद तंत्र, फसल बीमा और कृषि अवसंरचना निधि को भी मजबूत किया गया है। 10,000 एफपीओ कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता जारी रखते हुए भंडारण, कोल्ड चेन और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘भारत-VISTAAR’ नामक बहुभाषी एआई आधारित प्लेटफॉर्म के लिए ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो AgriStack और ICAR की वैज्ञानिक जानकारी को किसानों तक उनकी स्थानीय भाषा में पहुंचाएगा।
यह प्लेटफॉर्म किसानों को सटीक सलाह, कीट चेतावनी और जलवायु-अनुकूल सुझाव प्रदान करेगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि बजट में पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और पशु स्वास्थ्य के लिए भी निवेश बढ़ाया गया है, जिससे किसानों की आय के विविध स्रोत मजबूत होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हुए किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







