/केंद्रीय आवासन मंत्री से मिले विक्रमादित्य सिंह।

केंद्रीय आवासन मंत्री से मिले विक्रमादित्य सिंह।

हिमाचल के शहरी विकास और PWD परियोजनाओं के लिए मांगी विशेष केंद्रीय सहायता

नई दिल्ली 11 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री Vikramaditya Singh ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar से मुलाकात कर राज्य के शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहयोग की मांग उठाई।

बैठक के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, नाजुक पारिस्थितिकी और बिखरी हुई आबादी के कारण सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज तथा अन्य शहरी ढांचागत सुविधाओं का निर्माण और रखरखाव मैदानी क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक महंगा और चुनौतीपूर्ण होता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र की अधिकांश योजनाओं में धनराशि का आवंटन जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर किया जाता है, जो पहाड़ी राज्यों की वास्तविक लागत और कठिनाइयों को पूरी तरह नहीं दर्शाता। इसलिए हिमाचल को विशेष श्रेणी के पहाड़ी राज्य के रूप में अतिरिक्त सहायता मिलनी चाहिए।

मंत्री ने विशेष रूप से AMRUT 2.0 और Swachh Bharat Mission (Urban) के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से अधिक शहरी निकायों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी परियोजनाओं को लागू किया जा सकेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य सभी शहरों में घर-घर नल कनेक्शन, आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करना है।

डिजिटल शासन के क्षेत्र में उन्होंने National Urban Digital Mission के अंतर्गत लागू किए जा रहे UPYOG Platform का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार “वन स्टेट, वन पोर्टल” मॉडल पर काम कर रही है, जिसके माध्यम से भवन अनुमति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, प्रॉपर्टी टैक्स, ट्रेड लाइसेंस जैसी नगर सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके विस्तार के लिए केंद्र से वित्तीय और तकनीकी सहयोग की मांग की गई।
PWD मंत्री के रूप में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में सड़क संपर्क और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। राज्य के शहर स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन के केंद्र के रूप में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सेवा करते हैं, इसलिए बेहतर सड़क और पुल अवसंरचना आवश्यक है।

उन्होंने प्रमुख शहरों तक पहुंच सुधारने, शहरी सड़कों पर भीड़ कम करने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित यातायात के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग रखी।

इसके साथ ही उन्होंने जठिया देवी परियोजना और हिम-चंडीगढ़ कनेक्टिविटी पहल जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों के लिए भी विशेष सहयोग का अनुरोध किया। उनका कहना था कि इन परियोजनाओं को समय पर मंजूरी और पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने से शहरी सुविधाएं मजबूत होंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल सरकार की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि पहाड़ी राज्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की नीतियों के तहत इन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क, विश्वसनीय मूलभूत सेवाएं और आधुनिक डिजिटल शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन परियोजनाओं के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की दिशा में प्रयास जारी रखेगी।