/नालागढ़ में किण्विन कंपनी के प्रदूषण पर प्रशासन सख्त।

नालागढ़ में किण्विन कंपनी के प्रदूषण पर प्रशासन सख्त।

उत्पादन सीमित करने के निर्देश

नालागढ़ 27 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

उपमंडलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया की अध्यक्षता में उपमंडलाधिकारी कार्यालय के सभागार में पलासड़ा गांव स्थित किण्विन कंपनी द्वारा उत्पन्न जल एवं वायु प्रदूषण के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, कंपनी प्रबंधन तथा विभिन्न पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


उपमंडलाधिकारी ने बताया कि हाल ही में हिम परिवेश संस्था, हिण्डूर पर्यावरण संस्था तथा पलासड़ा व आसपास के क्षेत्रों के निवासियों द्वारा कंपनी के प्रदूषण को लेकर संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया था।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि रासायनिक अपशिष्ट का समुचित उपचार न होने से जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं और क्षेत्र में दुर्गंध व स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।


इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उपमंडलाधिकारी ने कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे अपनी उत्पादन क्षमता को तत्काल प्रभाव से उपलब्ध अपशिष्ट उपचार क्षमता के अनुरूप सीमित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्याप्त ट्रीटमेंट व्यवस्था होने तक कोई नया या अतिरिक्त उत्पादन शुरू नहीं किया जाएगा। साथ ही बिना उपचारित अपशिष्ट जल को खुले में या नालों में छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


कंपनी प्रबंधन ने जानकारी दी कि स्थायी समाधान के लिए आईआईटी रोपड़ के प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह को तकनीकी सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस पर उपमंडलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बद्दी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बैठक के बाद उपमंडलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ किण्विन कंपनी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने दोहराया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का प्रदूषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यावरण संस्थाओं को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है और जनस्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।