/“कल्पनाओं और भ्रम का बजट, जनता के साथ धोखा”—

“कल्पनाओं और भ्रम का बजट, जनता के साथ धोखा”—

विधायक दीपराज कपूर का कांग्रेस सरकार पर हमला।

शिमला, 29 मार्च ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक दीपराज कपूर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बजट को “कल्पनाओं, कहानियों और अहंकार का बजट” करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला, टैक्स बढ़ाने वाला और विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग की अनदेखी करने वाला है।
विधानसभा में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कपूर ने कहा कि सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि दूध के दाम बढ़ाने के बावजूद उत्पादन में 4.10% की गिरावट दर्ज की गई है और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने दूध खरीद प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक मिल्क कलेक्शन यूनिट और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

मत्स्य पालन क्षेत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में उत्पादन में 35.60% की गिरावट आई है, जबकि ट्राउट फिश उत्पादन में 70.49% तक कमी दर्ज की गई है। कपूर ने कहा कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और प्राकृतिक चुनौतियों से निपटने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है।

बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 4% से बढ़कर 6% हो गई है और 15-29 आयु वर्ग के करीब 30% युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल 3,717 युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया, जबकि वास्तविक संख्या लाखों में है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लेबर सेस के माध्यम से 70 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए, लेकिन इसका लाभ युवाओं तक नहीं पहुंचा। वहीं स्टार्टअप योजनाओं के तहत मात्र 4 करोड़ रुपये 56 लाभार्थियों में वितरित किए गए, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।

शिक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए कपूर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को 80 करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं की गई, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि केवल CBSE लागू करने की बात करने से सुधार नहीं होगा, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं पर ध्यान देना जरूरी है।

पर्यटन क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है और विदेशी पर्यटकों की संख्या 5 लाख से घटकर 85 हजार रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई नई योजना नहीं ला रही और एचपीटीडीसी के होटलों को लीज पर देना इस क्षेत्र को कमजोर करने वाला कदम है।

परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एचआरटीसी की आय में गिरावट आई है और कई रूट बंद कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण और गरीब वर्ग प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने अपने क्षेत्र करसोग का उदाहरण देते हुए बस स्टैंड पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

सड़क और बुनियादी ढांचे पर उन्होंने कहा कि कई गांव अब भी सड़क सुविधा से वंचित हैं, जबकि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत पर्याप्त बजट उपलब्ध है।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा।

अनुसूचित जाति वर्ग के मुद्दे पर कपूर ने कहा कि उनके क्षेत्र में 500 से अधिक आवास योजनाओं की फाइलें लंबित हैं और पिछले तीन वर्षों में केवल 50 घर ही आवंटित किए गए हैं, जो इस वर्ग के साथ अन्याय है।
किसानों और बागवानों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।

अंत में विधायक दीपराज कपूर ने कहा कि यह बजट पूरी तरह जनविरोधी, दिशाहीन और जनता को गुमराह करने वाला है।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस बजट का कड़ा विरोध करेगी और प्रदेश की जनता के हितों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।