/प्रदेश का सुनियोजित विकास सरकार की प्राथमिकता: राजेश धर्माणी

प्रदेश का सुनियोजित विकास सरकार की प्राथमिकता: राजेश धर्माणी

चंबा 14 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा

हिमाचल प्रदेश में भवन निर्माण और कॉलोनियों के व्यवस्थित विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगर एवं ग्राम योजना, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री Rajesh Dharmani ने Dalhousie में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए रीजनल प्लान तैयार किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रदेश के 6 जिलों में कार्य शुरू कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने Indian Institute of Architects (आईआईए) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी हस्ताक्षरित किया है।


भूकंप सुरक्षा को ध्यान में रखकर योजना
मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, इसलिए निर्माण कार्यों में नियमों का पालन अनिवार्य किया जा रहा है। इसी के तहत:
ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्ग मीटर
शहरी क्षेत्रों में 600 वर्ग मीटर
से अधिक प्लॉट्स पर TCP एक्ट लागू किया जाएगा।

निर्माण नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए टीसीपी विभाग का उड़न दस्ता गठित किया जाएगा, जो फील्ड में जाकर जांच करेगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करेगा।



सरकार ने यह भी तय किया है कि भविष्य में रियल एस्टेट परियोजनाओं को पर्यावरण स्वीकृति (EC) देते समय पेयजल और सड़क सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

साथ ही, पहले से चल रही परियोजनाओं की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसमें टीसीपी, जल शक्ति विभाग, HIMUDA और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।


मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य भविष्य में चेस्टर हिल जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है और विकास कार्यों को सुरक्षित एवं नियोजित बनाना है।
इस अवसर पर Asha Kumari सहित कई गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी मौजूद रहे।


सरकार का यह कदम प्रदेश में सुरक्षित, सुनियोजित और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।