/शिमला पुलिस द्वारा आदतन नशा तस्कर खेमराज उर्फ सनी वालिया डिटेंन

शिमला पुलिस द्वारा आदतन नशा तस्कर खेमराज उर्फ सनी वालिया डिटेंन

शिमला, 23 अप्रैल ,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

जिला शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर अंकुश लगाने और बार-बार अपराध करने वाले तस्करों को रोकने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा PIT-NDPS Act (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

इसी क्रम में, आदतन नशा तस्कर खेमराज उर्फ सनी वालिया (आयु 40 वर्ष) निवासी गांव व डाकघर बसंतपुर, तहसील व थाना सुन्नी, जिला शिमला के विरुद्ध धारा 3(1) के अंतर्गत निरोधात्मक डिटेंशन की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद विधिवत लागू किया गया।

पुलिस के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को थाना सुन्नी की टीम ने जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (DCRB) शिमला के सहयोग से आरोपी को बसंतपुर क्षेत्र से हिरासत में लिया। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आदर्श कारागार कंडा में दाखिल कर दिया गया।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
खेमराज उर्फ सनी वालिया का आपराधिक इतिहास गंभीर और चिंताजनक रहा है। वह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ NDPS Act के तहत चार मामले दर्ज हैं:

FIR 67/2023 (13 अक्टूबर 2023) – धारा 21, 29

FIR 49/2024 (26 अक्टूबर 2024) – धारा 21

FIR 55/2024 (05 दिसंबर 2024) – धारा 21, 29

FIR 147/2025 (30 अगस्त 2025) – धारा 21, 29

इसके अतिरिक्त, वर्ष 2015 में थाना ढली में उसके खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं (451, 323, 427, 506, 34) के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें अवैध प्रवेश, मारपीट, संपत्ति को नुकसान और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल थे।

पुलिस का सख्त संदेश
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो अपराधी बार-बार नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ केवल सामान्य कानूनी कार्रवाई ही नहीं बल्कि निरोधात्मक डिटेंशन जैसे कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधियों को दोबारा अपराध करने से रोकना है, बल्कि समाज और विशेष रूप से युवाओं को नशे के खतरे से बचाना भी है।