श्रम कानूनों पर उठाए सवाल।
नालागढ़, 1 मई
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) से संबंधित विभिन्न यूनियनों द्वारा नवाग्राम, खेड़ा व भूड क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस दौरान सैकड़ों मजदूरों की उपस्थिति में फैक्ट्री गेट पर एटक का लाल झंडा फहराया गया और सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए एटक के राज्य उपप्रधान नरेश घई, जिला प्रधान सतीश शर्मा तथा अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य उपप्रधान यशपाल रनोट ने मजदूर दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1886 में अमेरिका के शिकागो में हुए मजदूर आंदोलन के दौरान शहीद हुए श्रमिकों की स्मृति में 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप 8 घंटे कार्यदिवस का अधिकार मिला।

वक्ताओं ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पुराने 44 श्रम कानूनों को बदलकर बनाए गए चार नए श्रम कानून मजदूरों के हितों के विरुद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों में कार्यघंटे बढ़ाने, अस्थायी नियुक्तियों को बढ़ावा देने और सामाजिक सुरक्षा व हड़ताल के अधिकार को कमजोर करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
श्रमिक नेताओं ने सरकार से नए श्रम कानूनों को वापस लेकर पुराने कानून लागू करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, मजदूरी बढ़ाने तथा सभी मजदूरों को स्थायी रोजगार देने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में मिठाई भी वितरित की गई।
इस अवसर पर अंबुजा सीमेंट वर्कर यूनियन के महासचिव राजकुमार, उपप्रधान अनिल शर्मा, सलाहकार जरनैल सिंह, प्रचार सचिव चमन लाल, कोषाध्यक्ष संदीप धीमान, उप सचिव पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सैकड़ों मजदूर उपस्थित रहे।










