शिमला, 5 जून,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संसाधन-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 75 से कम छात्र संख्या वाले 10 सरकारी महाविद्यालयों को निकटवर्ती कॉलेजों में मर्ज करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
विभाग के अनुसार जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या लगातार 75 से कम बनी हुई थी, उन्हें प्रशासनिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से समीपवर्ती संस्थानों के साथ समायोजित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षकों, आधारभूत सुविधाओं और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
आदेशों के तहत जयनगर कॉलेज को भी बंद कर निकटवर्ती महाविद्यालय में मर्ज किया गया है। विभाग ने संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित रखने का आश्वासन देते हुए कहा है कि उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कम नामांकन वाले कॉलेजों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। वहीं, इस फैसले को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर कॉलेज बंद होने से विद्यार्थियों की आवाजाही और अन्य सुविधाओं को लेकर चिंता भी जताई जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।








