/39 घंटे में शूटर, फिर मास्टरमाइंड तक पहुंची शिमला पुलिस।

39 घंटे में शूटर, फिर मास्टरमाइंड तक पहुंची शिमला पुलिस।

मनीषा मित्तल हत्याकांड का खुलासा

शिमला 30 जून,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा

सरस्वती पैराडाइज स्कूल के समीप 13 जून 2026 को हुई श्रीमती मनीषा मित्तल की सनसनीखेज हत्या के मामले में जिला शिमला पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए साजिश में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि, इस हत्याकांड के पीछे प्रॉपर्टी विवाद मुख्य कारण था और मृतका के भाई हिमांक मित्तल को हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, 13 जून को दो अज्ञात हमलावरों ने मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण और गवाहों के बयान दर्ज किए। विशेष जांच टीमों को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भेजा गया तथा खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा से सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे। वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने महज 39 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक से दोनों शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली गईं।

आगे की जांच में पता चला कि मृतका का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।

उन्होंने बताया कि गोविंद ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराये पर लेकर शूटरों को उपलब्ध करवाई थी तथा आरोपी दीपक के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे। घटना से कुछ दिन पहले गोविंद, दीपक और आशीष की लोकेशन भी शिमला में पाई गई।

वारदात के बाद गोविंद फरार होकर विदेश चला गया और अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। लगातार तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 28 जून को रोहतक से आरोपी गोविंद (31) को गिरफ्तार कर लिया।

उसे न्यायालय में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने मनीषा मित्तल की हत्या करवाने की बात स्वीकार की है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।

पुलिस का कहना है कि एकत्रित साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि हिमांक मित्तल ही हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड था।

उसने गोविंद के साथ मिलकर शूटर दीपक और आशीष को वारदात को अंजाम देने के लिए नियुक्त किया था। इसके आधार पर पुलिस ने 29 जून को हिमांक मित्तल (33) को भी रोहतक से गिरफ्तार कर लिया।

जिला शिमला पुलिस ने बताया कि लगातार प्रयास, तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस बहुचर्चित हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया गया है।

मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।