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पीजीआईएमईआर में समकालीन दर्द प्रबंधन पर सीएमई आयोजित

चंडीगढ़, 10 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।

पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के एनेस्थीसिया एवं इंटेंसिव केयर विभाग ने इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (ISSP) के चंडीगढ़ चैप्टर के सहयोग से ISSP स्थापना दिवस के अवसर पर “समकालीन दर्द प्रबंधन: चुनौतियाँ और नवाचार” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन पीजीआईएमईआर के डीन प्रो. संजय जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि ISSP चंडीगढ़ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. वाई. के. बत्रा विशिष्ट अतिथि रहे।

प्रो. संजय जैन ने अपने संबोधन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में सतत चिकित्सा शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। वहीं प्रो. वाई. के. बत्रा ने चिकित्सकों से दर्द चिकित्सा के नवीनतम नवाचारों को अपनाने और रोगी-केंद्रित उपचार पद्धति पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

आयोजन सचिव प्रो. नीरजा भारती ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर अकादमिक अध्ययन और बहु-विषयक सहयोग से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। ISSP चंडीगढ़ की अध्यक्ष प्रो. सुकन्या मित्रा ने दीर्घकालिक दर्द की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए नवाचार, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और युवा स्वास्थ्य पेशेवरों के क्षमता विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

वैज्ञानिक सत्र में प्रो. दीपक थापा ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड-निर्देशित दर्द प्रबंधन तकनीकों का वीडियो प्रदर्शन तथा जटिल दीर्घकालिक दर्द से पीड़ित मरीजों के उपचार पर इंटरैक्टिव चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन स्नातकोत्तर रेजिडेंट्स के लिए आयोजित सोनोएनाटॉमी क्विज़ के साथ हुआ।

इस सीएमई में ट्राइसिटी क्षेत्र के लगभग 100 चिकित्सकों ने भाग लिया। विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने शिक्षा, अनुसंधान और उत्कृष्ट रोगी देखभाल के प्रति पीजीआईएमईआर की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।