/चिराग तले अंधेरा: राजधानी शिमला के बस अड्डों पर सफाई कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण कराना पड़ रहा काम

चिराग तले अंधेरा: राजधानी शिमला के बस अड्डों पर सफाई कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण कराना पड़ रहा काम

शिमला, 2 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।

प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के आईएसबीटी टूटीकंडी और पुराने बस अड्डे पर सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को कथित रूप से बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के नालियों और गंदगी की सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दस्ताने, मास्क और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे प्रतिदिन गंदगी और नालियों की सफाई करते हैं, लेकिन सुरक्षा उपकरणों के अभाव में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उठाने पड़ रहे हैं।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें महीने में कोई अवकाश नहीं दिया जाता और न ही कार्य के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के प्रतिनिधियों के समक्ष भी यह समस्या उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

इस संबंध में जब हिम नयन न्यूज़ ने शिमला में सुलभ शौचालयों एवं बस अड्डों की सफाई का कार्य देख रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि अमेंदर कुमार रवि से बात की तो उन्होंने कर्मचारियों के शोषण के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सोमवार तक सभी सफाई कर्मचारियों को दस्ताने और मास्क उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

अब देखना यह होगा कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन कितनी जल्दी धरातल पर उतरता है, ताकि राजधानी की सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।