/पीजीआई में स्वीडन के 20 मेडिकल छात्रों का दो सप्ताह का शैक्षणिक प्रशिक्षण शुरू

पीजीआई में स्वीडन के 20 मेडिकल छात्रों का दो सप्ताह का शैक्षणिक प्रशिक्षण शुरू

चंडीगढ़, 17 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़ ब्यूरो/वर्मा।

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) में स्वीडन के 20 मेडिकल छात्र दो सप्ताह के वैकल्पिक शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण बाल रोग विभाग तथा स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में आयोजित किया जा रहा है। छात्रों के साथ स्वीडन के रीजन स्कॉने से तीन संकाय सदस्य—डॉ. क्रिश्चियन पेनो, डॉ. विक्टर पेनी और डॉ. इओआन्निस ओर्फानोस—भी आए हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने पीजीआई निदेशक डॉ. (प्रो.) विवेक लाल तथा अकादमिक डीन डॉ. (प्रो.) संजय जैन से शिष्टाचार भेंट कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. प्रवीण कुमार, विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग; डॉ. (प्रो.) अरुण बंसल, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक पीजीआई; तथा डॉ. (प्रो.) अरुण अग्रवाल, विभागाध्यक्ष स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान स्वीडिश छात्र और संकाय सदस्य बाल रोग विभाग एवं बाल संक्रामक रोग प्रभाग के विशेषज्ञों तथा रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव साझा कर रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों की चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल और बाल स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर शैक्षणिक आदान-प्रदान हो रहा है।
यह मैत्रीपूर्ण शैक्षणिक पहल कुछ वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब पीजीआई के बाल संक्रामक रोग विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डॉ. संजय वर्मा ने स्वीडन के हेलसिंगबॉर्ग अस्पताल और लुंड विश्वविद्यालय का दौरा किया था।

इसके बाद यह पहल दोनों संस्थानों के बीच नियमित शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के रूप में विकसित हुई।

स्वीडिश प्रतिनिधिमंडल में हेलसिंगबॉर्ग अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार एवं बाल रोग विशेषज्ञ तथा स्वीडिश पीडियाट्रिक इन्फेक्शियस डिजीज़ सोसाइटी के बोर्ड सदस्य डॉ. क्रिश्चियन पेनो, स्कॉने यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ एवं लुंड विश्वविद्यालय के पीएचडी शोधार्थी डॉ. विक्टर पेनी तथा वरिष्ठ सलाहकार, बाल रोग विशेषज्ञ, एसोसिएट प्रोफेसर एवं बाल संक्रामक रोग, आपातकालीन चिकित्सा और सामाजिक बाल चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. इओआन्निस ओर्फानोस शामिल हैं।

स्वीडन से आए छात्रों और संकाय सदस्यों ने पीजीआई में किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने संस्थान के रेजिडेंट डॉक्टरों के शैक्षणिक पाठ्यक्रम की सराहना करते हुए यहां उपलब्ध उच्च स्तर की रोगी देखभाल की भी प्रशंसा की।