/एक करोड़ से अधिक की चोरी का खुलासा, उत्तराखंड से चार आरोपी गिरफ्तार।

एक करोड़ से अधिक की चोरी का खुलासा, उत्तराखंड से चार आरोपी गिरफ्तार।

शिमला पुलिस ने करीब 80 प्रतिशत चोरी की संपत्ति की बरामद, आभूषण व नकदी शामिल

शिमला, 21 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

शिमला पुलिस ने एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के रुद्रपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चोरी की गई संपत्ति का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा अब तक बरामद कर लिया गया है।

पुलिस थाना सदर शिमला में 8 सितंबर 2026 को शिकायत के आधार पर अभियोग संख्या 117/2026, धारा 306 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शिकायतकर्ता ने बताया कि घर में साफ-सफाई के कार्य के लिए एक युवती को रखा गया था। 8 सितंबर की सुबह कमरे की अलमारियां खुली और सामान बिखरा हुआ मिला। जांच करने पर आभूषण, नकदी सहित अन्य कीमती सामान गायब पाया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश, पूछताछ तथा तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। इसी क्रम में सदर शिमला पुलिस की टीम ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर रुद्रपुर, उत्तराखंड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेन्द्र कुमार (56), पुत्र पनीराम, निवासी रामनगर, उत्तराखंड; पप्पु लाल (58), पुत्र जैतराम, निवासी ऊधम सिंह नगर; बलजीत सिंह (35), पुत्र सेवक सिंह, निवासी ऊधम सिंह नगर तथा नईम (36), पुत्र खलील अहमद, निवासी ऊधम सिंह नगर के रूप में हुई है।

पुलिस ने चोरी किए गए आभूषणों एवं अन्य कीमती सामान समेत करीब 80 प्रतिशत संपत्ति बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार शेष संपत्ति की बरामदगी के साथ-साथ घटना में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उन्नत चरण में है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की लोगों से अपील
शिमला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि घरों, कार्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू सहायकों, कर्मचारियों अथवा अन्य व्यक्तियों को नियुक्त करने से पहले उनकी पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं। कर्मचारी का पूरा नाम, स्थायी पता, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा पूर्व रोजगार की जानकारी प्राप्त कर उसका सत्यापन करवाना चाहिए। पुलिस ने लोगों से बिना उचित सत्यापन के किसी व्यक्ति को घरेलू या अन्य संवेदनशील जिम्मेदारी नहीं देने की अपील की है।