/नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार मिलेगा अतिरिक्त पौष्टिक आहार

नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार मिलेगा अतिरिक्त पौष्टिक आहार


बुधवार और शुक्रवार को उबला अंडा या ताजा फल देने को सरकार की मंजूरी

शिमला, 23 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

प्रदेश सरकार ने सरकारी विद्यालयों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार के लिए मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। अब विद्यार्थियों को मिड-डे-मील के साथ सप्ताह में दो बार अतिरिक्त पौष्टिक आहार (टॉप-अप) उपलब्ध करवाया जाएगा।

योजना के तहत विद्यार्थियों को बुधवार और शुक्रवार को उनकी अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला हुआ अंडा या ताजा फल—केला अथवा सेब दिया जाएगा। इससे पहले यह पौष्टिक आहार सप्ताह में एक बार उपलब्ध करवाया जाता था।

विद्यालय स्तर पर मिड-डे-मील प्रभारी शिक्षक, कुक-कम-हेल्पर्स की सहायता से बच्चों को निर्धारित पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध करवाएंगे। योजना की निगरानी प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, केंद्र मुख्य शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समितियां तथा संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारी करेंगे।

अतिरिक्त पौष्टिक आहार के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री स्थानीय बाजार से स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और स्कूल प्रबंधन समितियों के सहयोग से खरीदी जाएगी। योजना के लिए विद्यार्थियों के दाखिले के आधार पर बजट उपलब्ध करवाया जाएगा तथा बीईईओ द्वारा विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या और निर्धारित प्रति विद्यार्थी दर के आधार पर त्रैमासिक धनराशि जारी की जाएगी। विद्यालयों को व्यय का अलग रिकॉर्ड रखते हुए मासिक एवं त्रैमासिक विवरण प्रस्तुत करना होगा।

खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सामग्री की खरीद, भंडारण, तैयारी और वितरण के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। फलों को बच्चों को देने से पहले अच्छी तरह साफ किया जाएगा तथा अंडों को उचित रूप से उबालकर ही विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो बार दिया जाने वाला यह पौष्टिक टॉप-अप नियमित मिड-डे-मील का पूरक होगा और बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध करवाने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की सफलता के लिए प्रभावी निगरानी, सामुदायिक सहभागिता और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।