/रामशहर में पांच माह से 12:32:16 खाद का संकट, 20 पंचायतों के किसानों में रोष

रामशहर में पांच माह से 12:32:16 खाद का संकट, 20 पंचायतों के किसानों में रोष

किसान बोले—समय पर खाद नहीं मिली तो प्रभावित होगी रबी की बुआई


सोलन (रामशहर), 25 सितंबर
हिम नयन न्यूज़ / ब्यूरो / वर्मा


जिला सोलन के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर सहकारी सभा समिति के सस्ते राशन डिपो में पिछले करीब पांच माह से 12:32:16 खाद उपलब्ध न होने से क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि लगातार डिपो के चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है, जिससे खेती-बाड़ी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल खाद उपलब्ध कराने तथा पहले की तरह ऑफलाइन व्यवस्था से वितरण सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार रामशहर सहकारी सभा समिति से लगभग 20 पंचायतों के किसान खाद खरीदने आते हैं। इसके अलावा यहां 1800 से अधिक राशन कार्ड धारक भी जुड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से रबी सीजन की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है।



सहकारी सभा समिति के अध्यक्ष मुनीष कुमार शर्मा और उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह कौशल ने बताया कि करीब एक माह पहले ही 12:32:16 खाद की 500 बोरियों की मांग संबंधित विभाग को भेज दी गई है। जैसे ही खाद की खेप डिपो में पहुंचेगी, किसानों को प्राथमिकता के आधार पर वितरित कर दी जाएगी।


उन्होंने बताया कि समिति का गठन 18 नवंबर 1957 को हुआ था। इस वर्ष बरसात के दौरान डिपो से लगभग 3900 बोरी यूरिया खाद किसानों को उपलब्ध कराई गई है। यूरिया की प्रति बोरी कीमत 270 रुपये रही, जबकि 12:32:16 खाद की कीमत इस बार करीब 2400 रुपये रहने की संभावना है।


स्थानीय किसान नेक राम, प्रेमचंद, दाता राम, प्यारेलाल, देशराज, मेहर चंद, नसीब चंद, चेतराम, संतराम, कमल कुमार, भगत राम, जगत राम, राकेश, सुरेंद्र कुमार, रतनलाल, सचिन, रामकिशन और अभिमन्यु सहित अन्य किसानों ने बताया कि 12:32:16 खाद फसलों की बुआई और शुरुआती वृद्धि के लिए बेहद जरूरी है। पिछले पांच महीनों से इसकी आपूर्ति बंद होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।


किसानों ने सरकार से रामशहर डिपो में जल्द पर्याप्त मात्रा में 12:32:16 खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को सरल बनाकर पहले की तरह ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि उन्हें बार-बार डिपो के चक्कर न लगाने पड़ें।