/रामशहर तहसील भवन तीन साल से अधूरा, 28 पंचायतों के ग्रामीण परेशान;

रामशहर तहसील भवन तीन साल से अधूरा, 28 पंचायतों के ग्रामीण परेशान;

वर्तमान भवन में टपकता है बारिश का पानी;

सोलन (रामशहर) 23 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।

जिला सोलन के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर में तहसील कार्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से धनराशि के अभाव में अधर में लटका हुआ है। वहीं, तहसील कार्यालय में कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण क्षेत्र की 28 पंचायतों के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्य करवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इन समस्याओं को लेकर क्षेत्रवासियों में प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया है।


ग्रामीणों की माने तो वर्ष 1980 में रामशहर में उपतहसील कार्यालय खोला गया था, जिसे लगभग पांच वर्ष पूर्व तहसील का दर्जा दिया गया। इसके बावजूद तहसील कार्यालय के लिए नए भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।

वर्तमान में पुराने भवन की हालत भी बेहद खराब है। छत जर्जर होने के कारण बारिश के दौरान जगह-जगह से पानी टपकता है, जिससे कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों के खराब होने का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि तहसील कार्यालय में वरिष्ठ सहायक और डाटा ऑपरेटर के पद पिछले पांच वर्षों से रिक्त हैं। इसके अलावा सहायक कार्यालय कानूनगो का पद भी कई वर्षों से खाली पड़ा है। पटवारी के तीन पद भी रिक्त चल रहे हैं। डोली में पटवारी का पद चार महीने से, बयाला में आठ महीने से और दिग्गल में एक महीने से खाली चल रहे है।

क्षेत्रवासियों के मुताबिक, रामशहर तहसील के अंतर्गत वर्तमान में 11 पटवार सर्कल आते हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 17 थी। कर्मचारियों की कमी और अन्य व्यवस्थाओं के अभाव में ग्रामीणों को अपने राजस्व संबंधी कार्य करवाने के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कार्यालय में सफाई कर्मचारी तक उपलब्ध नहीं है।

क्षेत्र के ग्रामीणों, स्थानीय पंचायतों के वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला संगठनों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, महिला मंडलों, सर्व शक्ति संगम, नवयुवक मंडलों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, क्षेत्रीय विधायक और विभागीय निदेशक शिमला से मांग की है कि नए तहसील भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट जारी किया जाए तथा कार्यालय में रिक्त पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि रामशहर तहसील से 28 पंचायतों के लोग अपने राजस्व संबंधी कार्य करवाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचते हैं। ऐसे में भवन निर्माण में देरी और कर्मचारियों की कमी से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर राजस्व सेवाएं मिल सकें और तहसील कार्यालय का उद्देश्य पूरा हो सके।

इस संबंध में जब हिम नयन न्यूज़ प्रतिनिधि ने रामशहर के नायब तहसीलदार राजेंद्र ठाकुर से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि इस समस्या के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को समय-समय पर लिखित पत्रों के माध्यम से अवगत करवाया जाता है।