/शिमला के पूर्व एसएसपी संजीव कुमार गांधी पर धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज।

शिमला के पूर्व एसएसपी संजीव कुमार गांधी पर धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज।

शिमला, 22 अक्टूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा।

हिमाचल के पुलिस थाना सदर शिमला में पूर्व पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के विरुद्ध कथित धोखाधड़ी, सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में आज मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कांस्टेबल की शिकायत और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर अभियोग संख्या 138/2026, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हिम नयन न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस लाइन कैथू में तैनात एक कांस्टेबल को वर्ष 2024 और 2025 के दौरान सरकारी कार्यों एवं व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक सामान जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

इसके लिए उन्हें पहले अपनी जेब से खर्च करने और बाद में भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया गया था। कांस्टेबल का आरोप है कि उन्होंने व्यवस्थाओं पर कुल ₹1,87,890 खर्च किए और संबंधित बिल कार्यालय में जमा करवाए, जिन्हें जांच के बाद भुगतान के लिए स्वीकृति भी मिल गई थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 6 फरवरी 2026 को तत्कालीन एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने उन्हें भुगतान संबंधी वाउचर पर हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया। उन्हें बताया गया कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए हस्ताक्षर जरूरी हैं और स्वीकृत राशि उन्हें मिल जाएगी।

हालांकि, आरोप है कि हस्ताक्षर करवाने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया।जुलाई 2026 में शिकायत करने के बाद कांस्टेबल ने कार्यालय की अकाउंट ब्रांच से जानकारी प्राप्त की।

उनके अनुसार, संबंधित राशि फंड से निकाली जा चुकी थी, लेकिन उनके खाते में जमा नहीं हुई। इससे उन्हें अपनी देनदारियां चुकाने के लिए निजी संसाधनों से धन की व्यवस्था करनी पड़ी।


शिकायत मिलने के बाद वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जिला पुलिस के एक फंड से लगभग दो वर्षों के दौरान कुल ₹2,35,000 की कथित अवैध निकासी हुई थी।

आरोप है कि इस राशि को किन उद्देश्यों के लिए खर्च किया गया, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है, जिससे फंड में कमी उत्पन्न हुई।
रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव कुमार गांधी का एसएसपी शिमला के पद से कार्मिक विभाग में स्थानांतरण होने के दौरान फंड की कमी को पूरा करने के लिए कांस्टेबल के स्वीकृत बिलों की राशि संबंधित फंड के खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

आरोप है कि यह राशि शिकायतकर्ता को भुगतान करने के बजाय फंड में जमा करवाई गई, जिसके कारण उन्हें स्वीकृत भुगतान नहीं मिल सका।


पुलिस थाना सदर शिमला में संजीव कुमार गांधी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 314, 318, 336 और 340 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं आपराधिक विश्वासघात, बेईमानी से संपत्ति के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों से संबंधित आरोपों से जुड़ी हैं।