शिमला 31 मार्च,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /वर्मा
राजकीय महाविद्यालय अर्की में उत्कृष्ट महाविद्यालय योजना के तहत दी गई 1 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि में से 11,81,950 रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है।
कॉलेज की प्राचार्य सुनीता की 10 फरवरी 2025 को अर्की पुलिस थाने में शिकायत के आधार पर पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने रिकॉर्ड की पड़ताल और सबूतों के आधार पर नीतीश शर्मा को मंडी से गिरफ्तार किया। आज उसे अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। अब उसे आगे की पूछताछ की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक शिकायत में बताया गया कि साल 2021.22 में हिमाचल सरकार ने कॉलेज को बेहतर बनाने के लिए 1 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। रिकॉर्ड के मुताबिक, इसमें से 8,81,950/ रुपये बास्केटबॉल कोर्ट और 3लाख रुपये ओपन एयर जिम बनाने के लिए खर्च दिखाए गए। यह राशि 19 मार्च 2022 को अर्की ट्रेजरी के जरिए मंडी के ठेकेदार नंदन कांट्रेक्टर एंड सप्लायर को दी गई, लेकिन जांच में पाया गया कि कॉलेज में न बास्केटबॉल कोर्ट बना और न ही ओपन एयर जिम बनाया गया है ।
पुलिस जांच से पता चला कि कॉलेज कमेटी और तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉण् जगदीश व चमन लाल ने ठेकेदार के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। बास्केटबॉल कोर्ट के लिए 22 फरवरी 2022 को जीईएम पोर्टल पर बोली लगाई गईए जिसे 4 मार्च 2022 को खोला गया। इसमें पांच कंपनियों ने हिस्सा लियाए लेकिन चार को बिना वजह अयोग्य ठहरा दिया गया और नंदन ठेकेदार को 9 मार्च 2022 को ठेका दे दिया गया। इसके बाद 12 मार्च 2022 को काम पूरा होने का फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया, जबकि कोई निर्माण नहीं हुआ था। इस आधार पर 16 मार्च 2022 को बिल सब ट्रेजरी अर्की में जमा किया गया और 19 मार्च 2022 को 11,81,950 / रुपये ठेकेदार के खाते में डाल दिए गए।










