शिमला, 8 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा।
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप और विधायक व वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों से जुड़ी विवादित अधिसूचना को केवल अस्थाई रूप से रोका है, जबकि प्रदेशभर के 10 हजार से अधिक कर्मचारी सड़कों पर उतरकर इसका विरोध कर चुके हैं।
भाजपा नेताओं ने आशंका जताई कि सरकार आने वाले समय में इस अधिसूचना को दोबारा लागू कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का इतिहास कर्मचारी विरोधी निर्णयों से भरा रहा है। “जब-जब कर्मचारी आंदोलन पर उतरे, सरकार ने उन पर दबाव बनाया, शिक्षकों पर केस दर्ज किए और अंततः विरोध बढ़ने पर फैसले वापस लिए गए।”

भाजपा नेताओं का कहना है कि यह सरकार कर्मचारियों, युवाओं और जनता को उत्साहित करने के बजाय पीड़ित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण से यह साफ हो गया है कि वर्तमान सरकार कर्मचारी हितों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
भाजपा ने उम्मीद जताई कि ऐसे निर्णय भविष्य में कभी लागू न हों और सरकार को ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे प्रदेश के लोग उत्साहित हों, दबाव में न आएं।








