धर्माणी के बयान पर जताई आपत्ति, कहा—जनहित के हर निर्णय का कांग्रेस करती है विरोध
ऊना 28 सितम्बर
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ वर्मा
। भाजपा विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार के मंत्री राजेश धर्माणी के उस बयान पर तीखी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जीएसटी 2.0 लागू होने से हिमाचल प्रदेश वित्तीय घाटे में चला जाएगा।
सत्ती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता कभी भी आम जनता के हितों के प्रति गंभीर नहीं रहे। “जनहित के फैसलों की आलोचना करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है। विपक्ष का काम सिर्फ विरोध करना ही रह गया है,” उन्होंने कहा।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यूपीए शासनकाल में टैक्स प्रणाली पारदर्शी नहीं थी। कई वस्तुओं पर 45 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जाता था और टैक्स के नाम पर लूट-खसोट आम थी। परिणामस्वरूप, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी।
उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने के बाद से अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार हुआ है। जीएसटी लागू होने के बाद 5%, 12%, 18% और 28% के चार स्लैब बनाए गए, जिससे पारदर्शिता आई और टैक्स ढांचा सरल हुआ। आज भारत की अर्थव्यवस्था कांग्रेस शासनकाल के 11वें स्थान से बढ़कर चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है और अगले दो वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगी।
सत्ती ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जब जीएसटी लागू किया गया था तो इसे गब्बर सिंह टैक्स करार दिया था और आज जब केंद्र सरकार ने सुधार करते हुए इसे दो स्लैब (5% और 12%) तक सीमित कर दिया है, तो हिमाचल के कांग्रेसी नेता इसे घाटे का सौदा बता रहे हैं। “वास्तविकता यह है कि हिमाचल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा, बल्कि जीएसटी और आईजीएसटी से प्रदेश की आय में प्रतिवर्ष 14% की वृद्धि होगी,” उन्होंने कहा।
भाजपा नेता ने दावा किया कि जीएसटी की नई दरों से आम जनता को रोजमर्रा की वस्तुओं में राहत मिल रही है और व्यापारी वर्ग भी इस फैसले से संतुष्ट है। “दीवाली से पूर्व केंद्र सरकार का यह निर्णय देशवासियों के लिए एक बड़ा तोहफा है,” सत्ती ने कहा।
उन्होंने कहा कि नेक्स्ट जेन जीएसटी (GST 2.0) भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को मजबूती और गति देगा तथा यह रिफॉर्म देश के लिए एक ऐतिहासिक आर्थिक उपलब्धि साबित होगा।









