/मानसून से हुए नुकसान व सड़क पुनर्निर्माण हेतु 200 करोड़ वार्षिक बजट की आवश्यकता—विक्रमादित्य सिंह

मानसून से हुए नुकसान व सड़क पुनर्निर्माण हेतु 200 करोड़ वार्षिक बजट की आवश्यकता—विक्रमादित्य सिंह

हिमाचल प्रदेश ने केंद्र से CRIF आवंटन बढ़ाने और लंबित राशि जारी करने की की मांग

शिमला 18 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा

हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से CRIF (Central Road and Infrastructure Fund) योजना के अंतर्गत राज्य के लिए आवंटित धनराशि बढ़ाने और लंबित फंड तुरंत जारी करने का आग्रह किया है। इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन जयराम गडकरी को एक विस्तृत पत्र भेजा है।

पत्र में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हिमाचल प्रदेश को CRIF योजना के तहत कुल 143.77 करोड़ रुपये (सड़कों हेतु 120.63 करोड़ तथा सेतु बंधन के लिए 23.14 करोड़ रुपये) स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 15.50 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 120.63 करोड़ रुपये की राशि 24 जून 2025 को जारी की गई थी।

हालांकि, सेतु बंधन के अंतर्गत पुल निर्माण के लिए भेजे गए 17.40 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) के बावजूद मंत्रालय द्वारा अब तक धनराशि जारी नहीं की गई है।

विक्रमादित्य सिंह ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि विभाग सितंबर 2025 तक 1551.64 करोड़ रुपये व्यय कर चुका है, जिनके UCs पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके विरुद्ध केंद्र द्वारा 1457.23 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि 94.41 करोड़ रुपये की राशि अब भी लंबित है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 में भी राज्य को क्रमशः 99.74 करोड़ और 117.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसके अनुरूप व्यय होने के बावजूद केंद्र ने 188.00 करोड़ और 169.05 करोड़ रुपये जारी किए थे।

200 करोड़ वार्षिक आवंटन की मांग

मंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों के व्ययों को ध्यान में रखते हुए और राज्य की आवश्यकताओं को देखते हुए, हिमाचल प्रदेश के लिए CRIF के तहत सड़कों हेतु वार्षिक आवंटन को 120.63 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये किया जाना आवश्यक है।

मानसून में व्यापक नुकसान का हवाला

पत्र में कहा गया है कि इस वर्ष मानसून के दौरान अभूतपूर्व वर्षा ने हिमाचल प्रदेश की सड़क अवसंरचना को भारी क्षति पहुंचाई है, जिसके पुनर्निर्माण के लिए बड़े बजट की जरूरत है। साथ ही, चालू वित्त वर्ष में केवल सितंबर तक ही 54.75 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है तथा वर्ष के अंत तक 200 करोड़ रुपये खर्च होने की प्रबल संभावना है।

दुर्गम राज्य होने के कारण विशेष आवंटन की जरूरत

हिमाचल प्रदेश एक दुर्गम पहाड़ी राज्य है जहाँ सड़कें ही जीवनरेखा हैं। मंत्री के मुताबिक, यदि सड़क आवंटन को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया जाए तो राज्य की लाखों जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

94.41 करोड़ की लंबित राशि जल्द जारी करने का अनुरोध

राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि:

सड़क आवंटन के मानकों में पहाड़ी राज्यों के लिए संशोधन किया जाए,

हिमाचल प्रदेश का वार्षिक CRIF आवंटन 200 करोड़ रुपये किया जाए,

तथा राज्य के पक्ष में लंबित 94.41 करोड़ रुपये शीघ्र जारी किए जाएँ।

राज्य सरकार का मानना है कि इससे सड़क पुनर्निर्माण और अवसंरचना सुधार कार्यों को गति मिलेगी, और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुँचाने में मदद मिलेगी।