सरकार की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई
शिमला 20 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा।
हिमाचल प्रदेश में राजस्व बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से भांग की खेती को वैध रूप से शुरू करने का प्रस्ताव अब भी ठंडे बस्ते में है।
सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद यह योजना अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच सकी है।
ज्ञात हो कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने कार्यकाल की शुरुआत में ही भांग की औषधीय एवं औद्योगिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए इसकी नियंत्रित खेती पर विचार किया था।

इस विषय पर कई विभागीय बैठकों और प्रारंभिक अध्ययनों के बावजूद अभी तक कोई ठोस नीति लागू नहीं हो पाई है।
कृषि एवं राजस्व वृद्धि को लेकर महत्वाकांक्षी इस परियोजना के अंतिम रूप न लेने से किसानों और उद्यमियों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार की ओर से कहा गया था कि नीति तैयार होने के बाद भांग की खेती से प्रदेश को अतिरिक्त राजस्व और ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
फिलहाल, योजना पर आगे की कार्रवाई और अंतिम नीति की प्रतीक्षा जारी है।









